हरियाणवी लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ जिला स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव : डीसी

 
हरियाणवी लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ जिला स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव : डीसी

 



डीसी वर्षा खांगवाल ने किया प्रतिभागियों को प्रोत्साहित

-पांचों ब्लॉक की सांस्कृतिक टीम ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां, लोकनृत्य, रागनी, सोलो डांस, ग्रुप डांस व स्किट में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

आज भी आयोजित किए जाएंगे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, विद्यार्थी मंच पर प्रस्तुत करेंगे अपनी कला

झज्जर, 15 सितंबर

जिला स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर डीसी वर्षा खांगवाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुत करने के लिए शुभकामनाएं दी। जिला शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय महोत्सव में जिला के पांचों ब्लॉक से पहुंची सांस्कृतिक टीम ने विभिन्न विधाओं में भाग लेते हुए अपनी कला एवं प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
महोत्सव में सोलो डांस, ग्रुप डांस, रागनी और स्किट सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। मंगलवार को कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम स्थल को हरियाणवी लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।


विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने के साथ संस्कृति से जोड़ता है महोत्सव : डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि सांस्कृतिक महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हरियाणवी लोक कला, लोकनृत्य, रागनी और हमारी परंपराएं हमारी पहचान हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा निखारने के पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी राज्य स्तर पर करेंगे जिले का प्रतिनिधित्व : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी रतिंद्र सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जिला का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को पहचानना, उसे निखारना तथा लोक कला एवं संस्कृति के प्रति उनकी रुचि को बढ़ावा देना है।
जिला शिक्षा अधिकारी रतिंद्र सिंह तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने सांस्कृतिक महोत्सव के शुभारंभ के लिए डीसी वर्षा खांगवाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच मिल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

लोकनृत्य और रागनी की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने लोकनृत्य, हरियाणवी गायन और पारंपरिक लोक धुनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। रागनी की पारंपरिक गायन शैली और लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं विद्यार्थियों ने स्किट के माध्यम से सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए महत्वपूर्ण संदेश भी दिए। पांचों ब्लॉक से पहुंची सांस्कृतिक टीमों के बीच विभिन्न विधाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

आज भी मंच पर दिखेगा कला और प्रतिभा का रंग
डीईओ रतिंद्र सिंह ने बताया कि दो दिवसीय जिला स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं आयोजित किए जाएंगे। पांचों ब्लॉक की सांस्कृतिक टीमें अलग-अलग विधाओं में अपनी प्रस्तुतियां देंगी। विद्यार्थियों को अपनी कला, रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

यह रहे मौजूद
इस अवसर पर डीपीसी अनिल शर्मा, डिप्टी डीईओ रूपेंद्र नांदल, डिप्टी डीईओ देवेंद्र सिंह, बीईओ झज्जर सुनीता, बीईओ मातनहेल सुरेश पाल सुहाग, बीईओ शेर सिंह, बीईओ जयपाल दहिया, बीईओ भारती वर्मा, डीपी जयकवँर, प्राचार्य रमेश कुमार, प्राचार्य जोगिंदर सिंह, प्राचार्य राजेंद्र सिंह, प्राचार्य अजय खोखर, प्राचार्य संजीव खत्री, प्राचार्य कृष्ण धनखड़, प्राचार्य सुनील दत्त, प्राचार्य निर्मल कुमार, प्राचार्य भूप सिंह, इंफॉर्मेशन ऑफिसर रविंद्र कौशिक, डीएसएस विक्रम, संजय शर्मा, प्रवीण जाखड़, कृष्ण वशिष्ठ, डॉ. महाबीर, रवीश सुहाग, मैनावंती, सुनीता देवी, नितिका सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।