केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर दिग्विजय चौटाला ने कहा, “संघर्ष सदैव सक्षम”

 
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर दिग्विजय चौटाला ने कहा, “संघर्ष सदैव सक्षम”

चंडीगढ़25 जुलाई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा है कि आज सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा सरकार की हार हुई है और युवाओं के संघर्ष की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे जो लोग जिद्द पर अड़े हुए थेउन्हें आज झुकना पड़ा हैयही लोकतंत्र की खूबी है और प्रजातंत्र में देर है अंधेर नहीं। दिग्विजय ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों से मुंह नहीं छिपा कर भाग नहीं सकती हैजवाब तो देने ही पड़ेंगे। शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर मिलने के बाद दिग्विजय सिंह चौटाला ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के साथ तिरंगा लहराकर युवाओं की जीत का जश्न मनाया और सभी संघर्षरत युवाओं को इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दी।

 

दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि इस संघर्ष की शुरुआत से ही जेजेपी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी रही। उन्होंने कहा कि 17 जुलाई को पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, वे खुद तथा जेजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुँचकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने उनके आंदोलन का समर्थन करते हुए उनका हौसला बढ़ाया और शिक्षा के मुद्दों पर युवाओं के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिलाया था। इसके बाद 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च में वे बड़ी संख्या में जेजेपी और इनसो के युवा साथियों के साथ दिल्ली पहुंचे और छात्रों के संघर्ष की पहली पंक्ति में डटकर खड़े रहे। दिग्विजय ने कहा कि संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई बर्बरता ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। इसके विरोध में उन्होंने अपने गृह क्षेत्र सिरसा में भी जंतर-मंतर की तर्ज पर अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कीजहां हजारों युवाओं और छात्रों ने उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस संघर्ष को और अधिक मजबूत किया।

 

इतना ही नहीं जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को और अधिक ताकत देने का समय आयातब दिग्विजय सैकड़ों गाड़ियों के विशाल काफिले और हजारों युवा साथियों के साथ दोबारा दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने केवल अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराईबल्कि आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान की। तब से लेकर आज तक वह लगातार दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच डटे हुए हैं। वह संघर्ष में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैंउनका हौसला बढ़ा रहे हैं तथा भोजन-पानी सहित हर आवश्यक व्यवस्था में भी अपना योगदान दे रहे हैं।

 

पिछले कई दिनों से छात्रों के साथ धरने पर डटे दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जननायक चौधरी देवीलाल जी हमेशा कहते थे कि “संघर्ष सदैव सक्षम” की नीति पर चलो। आज देश के युवाओं ने उसी नीति पर चलते हुए यह ऐतिहासिक जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस जीत के असली नायक वे सभी युवा हैंजिन्होंने अपने घर-परिवार से दूर रहकर अपनी जायज मांगों के लिए लगातार सड़क पर संघर्ष किया। दिग्विजय चौटाला ने संघर्षरत सभी युवाओं को इस जीत पर हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जागरूक युवा पीढ़ी का यह जज़्बा पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भारत का नौजवान अन्याय के सामने झुकने वाला नहीं है। युवाओं का यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगा और यह संदेश देता है कि लोकतंत्र में संगठितशांतिपूर्ण और दृढ़ संघर्ष अंततः जीतता है।