मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य खेल प्रशासनिक समिति की पहली बैठक
खेल अवसंरचना की मैपिंग, सुविधाओं के बेहतर उपयोग पर जोर
चंडीगढ़, 9 सितंबर—हरियाणा में खेलों को अधिक संगठित और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। प्रदेश के पूरे खेल तंत्र को एकीकृत डिजिटल मंच से जोड़ने के लिए राज्य खेल पोर्टल स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेशभर की खेल अवसंरचना की व्यापक मैपिंग, साझा राज्य खेल कैलेंडर और जमीनी स्तर से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य खेल प्रशासनिक समिति की पहली बैठक में ये निर्णय लिए गए।
बैठक में मौजूदा खेल सुविधाओं के अधिकतम उपयोग पर भी खास जोर दिया गया। स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों और शहरी निकायों में उपलब्ध खेल सुविधाओं को साझा उपयोग व्यवस्था के तहत लाकर संस्थागत समय के बाद मान्यता प्राप्त खिलाड़ियों और खेल क्लबों को इनके उपयोग का अवसर दिया जाएगा।
खेल विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार ने बताया कि प्रस्तावित राज्य खेल पोर्टल प्रदेश के खेल तंत्र का एकीकृत डिजिटल मंच होगा। इस पर खेल सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों, प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण शिविरों, प्रशिक्षकों, खेल उपकरणों, खिलाड़ियों तथा उनकी उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। खेल अवसंरचना से जुड़े सभी विभाग, बोर्ड और निगम नोडल अधिकारी नामित करेंगे, जो पोर्टल पर सूचना को नियमित रूप से अपडेट रखेंगे।
प्रदेशभर में खेल विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, विश्वविद्यालयों और अन्य एजेंसियों के अधीन उपलब्ध खेल सुविधाओं की व्यापक मैपिंग कर एक आधारभूत डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे खेल सुविधाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और भविष्य की खेल अवसंरचना के विकास के लिए अधिक वैज्ञानिक योजना बनाने में मदद मिलेगी।
विभिन्न विभागों एवं संस्थानों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं, टूर्नामेंटों, प्रशिक्षण शिविरों और अन्य खेल गतिविधियों को शामिल करते हुए समेकित राज्य खेल कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इससे प्रतियोगिताओं की तिथियों में अनावश्यक टकराव से बचने, खेल सुविधाओं और संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा खिलाड़ियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
खेल प्रतिभाओं की पहचान और उनके व्यवस्थित विकास के लिए टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। स्कूल और पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताओं एवं प्रतिभा पहचान से इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जिला और राज्य स्तर के केंद्रों के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए आवश्यक प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार हो सकें।
खेल विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता ने बताया कि खिलाड़ियों को उपलब्ध करवाए जा रहे प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, पुरस्कार, खेल उपकरण, आहार तथा परिवहन एवं अन्य सहायता की अधिक समन्वित निगरानी राज्य खेल पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी। साथ ही, खेल अवसंरचना में सुरक्षा और मानकों के अनुपालन को भी मजबूत किया जाएगा। खेल मैदानों, स्टेडियमों, स्विमिंग पूल, जिम्नेजियम, फ्लड-लाइटिंग व्यवस्था, दर्शक दीर्घाओं और खेल उपकरणों की सुरक्षा जांच कम से कम हर छह माह में सुनिश्चित की जाएगी तथा इसकी निगरानी पोर्टल से जोड़ी जाएगी।
राज्य सरकार खेलों को अधिक समावेशी और व्यापक बनाने पर भी विशेष ध्यान देगी। महिला खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित खेल सुविधाओं, महिला प्रशिक्षकों की उपलब्धता तथा बेहतर आवासीय एवं परिवहन सहायता को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण युवाओं के लिए पंचायत स्तर के खेल मैदानों और ग्रामीण खेल गतिविधियों के अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रमुख खेल सुविधाओं की सुगम्यता की समीक्षा कर बाधारहित अवसंरचना और अनुकूलित खेल उपकरणों पर जोर दिया जाएगा। जिला स्तर पर खेल सुविधाओं, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और खिलाड़ियों की भागीदारी का आकलन कर अपेक्षाकृत कम सुविधाओं वाले जिलों और खंडों की पहचान की जाएगी।
खेल प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दो-स्तरीय व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य खेल प्रशासनिक समिति समग्र नीतिगत दिशा और रणनीतिक निगरानी प्रदान करेगी, जबकि राज्य खेल कार्यकारी समिति प्रशासनिक समिति के निर्णयों के क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय और प्रभावी कार्यान्वयन का काम करेगी।
बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
