रासायनिक खाद पर निर्भरता घटेगी, MDU का नया प्रोजेक्ट
रासायनिक खाद पर निर्भरता घटाने पर फोकस
“Mycorrhiza–Microbiome Synergy as a Sustainable Soil Management Strategy for Reducing Fertilizer Use and Enhancing Stress Resilience in Wheat” नामक इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना है। इस अध्ययन में मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों और माइकोराइज़ल फंगस के बीच संबंधों का उपयोग करके फसल की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम किया जाएगा।
सूखे और गर्मी से फसल को सुरक्षा
शोध के अनुसार, यह तकनीक गेहूं की फसल को गर्मी और सूखे जैसे पर्यावरणीय तनावों से बचाने में मदद करेगी। साथ ही पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग (nutrient efficiency) को भी बढ़ाएगी।
खेती की लागत घटाने में मदद
पंकज नैन ने बताया कि यह परियोजना टिकाऊ कृषि, बेहतर मिट्टी स्वास्थ्य और जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देगी। इससे किसानों की खेती की लागत घटने और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
MDU के रिसर्च सिस्टम को बड़ी उपलब्धि
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रोफेसर विनिता हुड्डा पहले भी कृषि नैनो-टेक्नोलॉजी, पौध शरीर क्रिया विज्ञान और मृदा स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे चुकी हैं। इस प्रोजेक्ट की मंजूरी को MDU के रिसर्च इकोसिस्टम और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
