दमकल कर्मियों की 6 से 8 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर डीसी साहिल गुप्ता के सख्त आदेश
भिवानी,06अगस्त। डीसी साहिल गुप्ता ने 6 से 8 अगस्त तक अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा कर्मियों की प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर जिले में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित रखने के लिए विस्तृत आदेश जारी किए हैं। यह आदेश हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं।
अपने आदेशों में डीसी ने निर्देश देते हुए कहा है कि अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं अत्यंत आवश्यक सेवाएं हैं तथा इनमें किसी भी प्रकार का व्यवधान जनजीवन, सार्वजनिक सुरक्षा और संपत्ति के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। ऐसे में 6 से 8 अगस्त तक सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
आदेशों के अनुसार अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना कोई भी कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित नहीं रहेगा। हड़ताल की अवधि के दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सामान्य परिस्थितियों में अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। केवल गंभीर चिकित्सकीय अथवा अन्य अपरिहार्य आपात स्थिति में ही छुट्टी पर विचार किया जाएगा।
सभी नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारी अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे तथा किसी भी प्रकार की हड़ताल, प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार अथवा ऐसी गतिविधि में भाग नहीं लेंगे, जिससे अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हों। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना पदस्थापन स्थल अथवा अग्निशमन केंद्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
डीसी ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, हड़ताल में शामिल होने अथवा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के संचालन में बाधा डालने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध लागू सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कानून के तहत आवश्यक अन्य कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। वहीं कोई भी व्यक्ति यदि अग्निशमन कर्मियों को उनके सरकारी दायित्वों के निर्वहन से रोकता है, आपातकालीन राहत एवं बचाव कार्यों में हस्तक्षेप करता है अथवा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
आदेशों में जिला अग्निशमन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी अग्निशमन केंद्र पूर्ण रूप से कार्यरत रहें तथा प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारी उपलब्ध हों। सभी फायर टेंडर, बचाव वाहन, संचार प्रणाली तथा अग्निशमन उपकरण हर समय पूर्ण परिचालन स्थिति में रखे जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही हड़ताल के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर होमगार्ड अथवा अन्य उपलब्ध कर्मियों की तैनाती सहित वैकल्पिक एवं आकस्मिक व्यवस्था भी पहले से तैयार रखी जाए।
डीसी ने पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर सभी अग्निशमन केंद्रों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रहे।
इसके साथ ही डीसी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन आदेशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही, आदेशों की अवहेलना अथवा सेवाओं में बाधा उत्पन्न होने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
