किसानों को सशक्त बनाने और विकसित भारत-2047 के सपने को साकार करने में सहकारिता की अहम भूमिका: श्याम सिंह राणा

 
किसानों को सशक्त बनाने और विकसित भारत-2047 के सपने को साकार करने में सहकारिता की अहम भूमिका: श्याम सिंह राणा

 

 

-सहकारिता से समृद्धि और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त होगा, किसान होंगे सशक्त: कृषि मंत्री

 

-प्राकृतिक खेती से खेती की लागत घटेगी और किसानों की आय बढ़ेगी

 

चंडीगढ़, 18 सितंबर - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, मत्स्य पालन और पशुपालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सहकारिता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। सहकारिता से समृद्धि आती है, समृद्धि से आत्मनिर्भरता आती है, और आत्मनिर्भरता से किसान सशक्त होते हैं, जिससे अंततः राज्य और देश दोनों मजबूत होते हैं।

 

कृषि मंत्री शुक्रवार को यमुनानगर के जगाधरी में 'सहकारिता जागरूकता अभियान' के तहत हरियाणा राज्य सहकारी विकास संघ द्वारा आयोजित सहकारिता पर एक जिला स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

 

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि देश की प्रगति और नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। वैश्विक स्तर पर भारत को और अधिक मजबूत करने के लिए सहकारिता की भावना को व्यापक पैमाने पर अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह देश भर में सहकारिता आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं।

 

किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि सीमित कृषि भूमि और बढ़ती खेती की लागत को देखते हुए महंगे कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता है। बदलते परिदृश्य में प्राकृतिक खेती एक जरूरत बन गई है, और इसे अपनाने से खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ेगी।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के आर्थिक उत्थान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य सहकारिता को अपनाकर किसानों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है। किसानों को सब्सिडी पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, साथ ही कृषि ऋण के लिए विशेष सुविधाएं भी दी जा रही हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं भी लागू की जा रही हैं।

 

इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री कंवर पाल गुर्जर और अन्य गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी, किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।

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