महिला सुरक्षा और अधिकारों को लेकर आयोग पूरी तरह सजग : मीना परमार
वन स्टॉप सेंटर व महिला थाना का निरीक्षण कर उपाध्यक्ष ने पीड़ित महिलाओं से जाना हाल, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने किया झज्जर का दौरा
झज्जर, 05 अगस्त ।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने बुधवार को जिला झज्जर का दौरा किया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग लगातार सक्रियता से कार्य कर रहा है। उपाध्यक्ष मीना परमार ने झज्जर स्थित लघु सचिवालय में डीसी वर्षा खांगवाल से मुलाकात कर महिलाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा भी की। इसके उपरांत उन्होंने महिला पुलिस स्टेशन और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया।
वन स्टॉप सेंटर पहुंचने पर डीपीओ नेहा दहिया और सेंटर प्रभारी सुमन यादव सहित अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उपाध्यक्ष मीना परमार का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सेंटर के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया तथा वहां महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सरकार सजग
आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सजगता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान,स्वाभिमान,सुरक्षा और शिक्षा को लेकर सरकार व आयोग प्रतिबद्ध है। महिला आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने महिलाओं से आहवान किया कि वे बगैर किसी डर और भय के माहौल से जीवन यापन करें। बैठक में महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने, पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था, महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने तथा जनजागरूकता अभियान चलाने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पीड़ित महिलाओं से फोन पर भी जाना वर्तमान स्थिति का हाल
निरीक्षण के दौरान महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने वन स्टॉप सेंटर के रजिस्टर में दर्ज शिकायतों का अवलोकन किया। उन्होंने कई पीड़ित महिलाओं से फोन पर बातचीत कर उनकी वर्तमान स्थिति जानी। उन्होंने सेंटर के काउंसलर को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले की कम से कम तीन से चार महीने तक लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में रैंडम कॉल करके भी यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित महिला वर्तमान में किसी समस्या अथवा शोषण का सामना तो नहीं कर रही है और सुरक्षित जीवन जी रही है।
वन स्टॉप सेंटर पर महिलाओं को एक ही स्थान पर मिलती है कई सुविधाएं
उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए एकीकृत सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करता है, जहां पीड़ित महिलाओं को कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक परामर्श, अस्थायी आश्रय, पुलिस एवं न्यायिक सहायता तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि सेंटर का उद्देश्य पीड़ित महिला को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
महिलाएं अत्याचार के खिलाफ खुलकर उठाएं आवाज : मीना
महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे अत्याचार एवं शोषण के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार और महिला आयोग महिलाओं के साथ खड़े हैं। प्रत्येक महिला को सुरक्षित एवं शोषण-मुक्त जीवन जीने का अधिकार है। इस दौरान एसीपी अनिरुद्ध चौहान भी मौजूद रहे।
