श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, कहा  श्री इंद्रेश उपाध्याय की वाणी से जीवंत हो उठता है भगवान श्रीकृष्ण का गीता संदेश

 ​​​​​​​

 
​​​​​​​श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, कहा  श्री इंद्रेश उपाध्याय की वाणी से जीवंत हो उठता है भगवान श्रीकृष्ण का गीता संदेश   

श्रीमद्भागवत कथा मन को शांति, आत्मा को शक्ति और जीवन को नई दिशा देती है, मुख्यमंत्री

चंडीगढ़,

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सुप्रसिद्ध कथावाचक श्री इंद्रेश उपाध्याय की वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन सुनकर ऐसा अनुभव होता है, मानो हम लगभग 5,160 वर्ष पूर्व उस काल में पहुंच गए हों, जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। उनकी वाणी से प्रवाहित भक्ति और ज्ञान की अमृत वर्षा श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के संदेश से जोड़ती है।

मुख्यमंत्री बुधवार को  सेक्टर  34 चंडीगढ़  मे आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्री इंद्रेश उपाध्याय से कथा सुनने की उनकी भी इच्छा थी। इस पावन आयोजन में पहुंचकर उन्हें मन की शांति, आत्मिक शक्ति और जीवन को नई दिशा देने वाले संदेश की अनुभूति हुई है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जीवन की सबसे बड़ी सफलता केवल धनवान बनना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों वाला इंसान बनना है। महंगी गाड़ियों और अन्य भौतिक सुख-सुविधाओं के बावजूद कई बार घरों में शांति का अभाव रहता है। श्रीमद्भागवत कथा हमें संस्कारों और जीवन के वास्तविक मूल्यों का महत्व समझाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों और कथावाचकों ने सनातन संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। श्री इंद्रेश उपाध्याय जैसे कथावाचक अपनी वाणी से इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

कुरुक्षेत्र की पावन भूमि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के लिए यह गौरव का विषय है कि भगवान श्रीकृष्ण ने यहां मोहग्रस्त अर्जुन को गीता का अमर संदेश दिया। कर्म करने पर हमारा अधिकार है, उसके फल पर नहीं। यह शिक्षा हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों और संतों ने सनातन संस्कृति को निरंतर समृद्ध किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के कार्यों को गति मिली है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण, केदारनाथ धाम के पुनर्विकास, उज्जैन में महाकाल परिसर के विकास और करतारपुर कॉरिडोर का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित माता-पिता और बुजुर्गों से आह्वान किया कि वे व्यस्त दिनचर्या के बीच बच्चों को समय अवश्य दें। उनसे संवाद बनाए रखें और उनका मार्गदर्शन करें, ताकि वे गलत संगत से बचें तथा सही दिशा में आगे बढ़ें।

युवाओं को निराशा, क्रोध और गलत संगत से दूर रहने का संदेश देते हुए उन्होंने मोबाइल के संतुलित उपयोग पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मोबाइल हर समय हमारे हाथ में रहता है, लेकिन हमें सजग रहना चाहिए कि मोबाइल हमारा मालिक न बन जाए।