बीज विकास निगम प्लांट का चेयरमैन ने किया औचक निरीक्षण, गुणवत्ता व अन्य व्यवस्थाएं जांची
सिरसा, 01 जुलाई।
हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन देवकुमार शर्मा ने बुधवार को सिरसा स्थित बीज विकास निगम प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्लांट में चल रही विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों से मौजूदा कार्यप्रणाली, गेहूं के भंडारण, पैकिंग तथा लोडिंग संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान चेयरमैन ने गेहूं के कट्टों की नापतोल भी स्वयं जांची और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान पूरी सावधानी बरती जाए ताकि गेहूं का नुकसान न हो।
चेयरमैन देवकुमार शर्मा ने कहा कि सरकारी संस्थानों में कार्य करते समय पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि कार्य के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
चेयरमैन ने प्लांट अधिकारियों से भंडारण क्षमता, गेहूं के स्टॉक, पैकिंग व्यवस्था तथा परिवहन प्रक्रिया की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि किसानों और उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा बीज विकास निगम किसानों के हितों के लिए कार्य करने वाली महत्वपूर्ण संस्था है। ऐसे में निगम की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संसाधनों की बर्बादी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, व्यवस्थाओं की निगरानी बढ़ाने तथा कार्यस्थल पर स्वच्छता और सुव्यवस्थित संचालन बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने चेयरमैन को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन किया जाएगा। लोडिंग व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे तथा गेहूं की बर्बादी न हो, इसके लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जाएंगी। चेयरमैन ने कहा कि निगम की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
