लाइसेंस प्राप्त आवासीय कॉलोनियों में नर्सिंग होम स्थापित करने की नीति में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

 
लाइसेंस प्राप्त आवासीय कॉलोनियों में नर्सिंग होम स्थापित करने की नीति में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

 

 

चंडीगढ़, 13 अगस्त — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लाइसेंस प्राप्त आवासीय कॉलोनियों में नर्सिंग होम स्थापित करने की नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है।

 

संशोधन के अनुसार अब योग्य डॉक्टरों को अपने स्वामित्व वाले आवासीय प्लॉट के साथ-साथ लीज पर लिए गए आवासीय प्लॉट पर भी नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए निर्धारित कन्वर्जन शुल्क का भुगतान करना होगा।

 

संशोधन के तहत एलोपैथिक/आयुष पद्धति के डॉक्टरों के आवासीय प्लॉट पर नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी, जिसमें मरीजों को भर्ती करने और इनडोर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

 

डॉक्टरों के पास मेडिकल काउंसिल/आयुष काउंसिल का पंजीकरण नंबर होना आवश्यक होगा। डॉक्टर का वर्तमान में प्रैक्टिस करना तथा स्थानीय शाखा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ पंजीकृत होना भी आवश्यक होगा। इस संबंध में आवेदन के साथ शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

 

यदि नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति लीज पर लिए गए प्लॉट पर दी जाती है, तो यह अनुमति लीज की अवधि के साथ सह-समाप्त (co-terminus) होगी।

 

इससे पहले लागू प्रावधान के अनुसार नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति केवल योग्य डॉक्टरों के स्वामित्व वाले आवासीय प्लॉट पर दी जाती थी। अब संशोधन के बाद योग्य डॉक्टरों द्वारा लीज पर लिए गए आवासीय प्लॉट भी इसके दायरे में शामिल होंगे।