भिवानी-चरखी दादरी के कपास किसानों को बड़ी राहत, 255 करोड़ रुपये के बीमा दावे मंजूर 

  चंडीगढ़: हरियाणा के भिवानी और चरखी दादरी जिलों के कपास किसानों को बड़ी राहत मिली है। हरियाणा राज्य शिकायत निवारण समिति (SGRC) ने किसान हित में बड़ा फैसला लेते हुए क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी को करीब 255 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह भुगतान क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE) के जरिए दर्ज वास्तविक औसत उपज के आधार पर किया जाएगा।
 
भिवानी-चरखी दादरी के कपास किसानों को बड़ी राहत, 255 करोड़ रुपये के बीमा दावे मंजूर

 चंडीगढ़: हरियाणा के भिवानी और चरखी दादरी जिलों के कपास किसानों को बड़ी राहत मिली है। हरियाणा राज्य शिकायत निवारण समिति (SGRC) ने किसान हित में बड़ा फैसला लेते हुए क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी को करीब 255 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह भुगतान क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE) के जरिए दर्ज वास्तविक औसत उपज के आधार पर किया जाएगा।

यह फैसला किसानों और किसान संगठनों के लंबे संघर्ष के बाद आया है। किसानों ने खरीफ 2023 सीजन में फसल नुकसान के आकलन के लिए तकनीक आधारित उपज अनुमान (टेक्नोलॉजी बेस्ड यील्ड एस्टीमेट) को अपनाए जाने का विरोध किया था और वास्तविक उपज के आंकड़ों को आधार बनाने की मांग की थी।

एसजीआरसी ने माना कि बड़ी संख्या में किसानों को उनका वैध बीमा दावा नहीं मिल पाया, क्योंकि क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट से प्राप्त आंकड़ों की जगह तकनीक आधारित अनुमान को लागू कर दिया गया था। समिति ने 11 मई को हुई अपनी 15वीं बैठक में इस मामले पर विचार करते हुए किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया। बैठक की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने की थी।

यह मामला अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा समेत कई किसान संगठनों द्वारा समिति के समक्ष उठाया गया था। संगठनों ने अगस्त 2024 में राज्य तकनीकी सलाहकार समिति (STAC) द्वारा लिए गए निर्णय की समीक्षा की मांग की थी। किसान प्रतिनिधि डॉ. राम कंवर ने बताया कि किसानों ने पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। उनके प्रयासों के बाद राज्य सरकार ने एसजीआरसी का गठन किया, जिसने अब किसानों के पक्ष में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

नए फैसले के अनुसार भिवानी जिले के किसानों को लगभग 213 करोड़ रुपये और चरखी दादरी जिले के किसानों को करीब 42 करोड़ रुपये का बीमा भुगतान मिलेगा। जानकारी के अनुसार, यह विवाद भिवानी की 158 और चरखी दादरी की 135 बीमा इकाइयों से जुड़ा हुआ था। किसानों का कहना है कि इस फैसले से हजारों कपास उत्पादकों को आर्थिक राहत मिलेगी और फसल बीमा योजना पर उनका भरोसा भी मजबूत होगा।