हरियाणा में बिजली विभाग का बड़ा फैसला; अब सीट से गायब नहीं हो सकेंगे अफसर, जाने वजह ?
सख्ती की जरूरत?
मिली जानकारी के अनुसार, अक्सर देखा गया है कि गर्मियों के मौसम में जब बिजली की मांग चरम पर होती है, तब लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर खराब होने या अघोषित बिजली कटौती जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। जब जनता इन शिकायतों को लेकर दफ्तर पहुँचती है, तो जिम्मेदार अधिकारी अक्सर अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिलते। इससे न केवल शिकायतों का निवारण होने में देरी होती है, बल्कि जनता में रोष भी पनपता है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, सभी श्रेणी के उच्च अधिकारियों को कार्य अवधि के दौरान अपने निर्धारित कार्यालय में ही रहना होगा। यदि किसी आधिकारिक कार्य या फील्ड विजिट के लिए कार्यालय छोड़ना पड़ता है, तो उसके लिए सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना अब अनिवार्य होगा। अधिकारियों की दफ्तर में मौजूदगी सुनिश्चित होने से फील्ड स्टाफ को तुरंत निर्देश मिल सकेंगे, जिससे तकनीकी खामियों को जल्द ठीक किया जा सकेगा। Haryana News
आम जनता को राहत
मिली जानकारी के अनुसार, इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन उपभोक्ताओं को होगा जिन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब अधिकारी मौके पर उपलब्ध होंगे, जिससे ट्रांसफार्मर बदलने या नए कनेक्शन जैसी प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम हो जाएगा।
