हरियाणा में 590 करोड़ का बैंक फ्रॉड! CBI खोलेगी मास्टरमाइंड व सहयोगियों के बड़े राज, 6 आरोपित रिमांड पर लिए
मिली जानकारी के अनुसार, CBI ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिनके बारे में आरोपितों से पूछताछ करना बेहद जरूरी है। एजेंसी का कहना था कि आरोपितों की कस्टोडियल इंटरोगेशन से इस रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों का पता लगाने में मदद मिलेगी। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, अदालत ने CBI के तर्कों से सहमति जताते हुए छह आरोपितों अभय कुमार, रिभव ऋषि, स्वाति (अभय कुमार की पत्नी), अभिषेक सिंगला, नरेश कुमार और मनीष जिंदल के प्रोडक्शन वारंट जारी किए और उन्हें अंबाला सेंट्रल जेल से पेश करने के निर्देश दिए। Haryana News
साथ ही, अदालत ने पांच दिन के रिमांड की मांग पर आंशिक रूप से सहमति देते हुए तीन दिन की CBI की कस्टडी मंजूर की। ये सभी फरवरी में गिरफ्तार किए गए थे और मार्च से न्यायिक हिरासत में थे।
बैंक मैनेजर रिभव ऋषि : एसीबी सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ के सेक्टर-32 की आईडीएफसी बैंक का मैनेजर रिभव ऋषि पूरा सूत्रधार है। जिसने रिलेशनशिप मैनेजर के साथ मिलकर फ्राॅड किया। छह माह पहले आरोपित ने बैंक की नौकरी छोड़ दी थी। जिसके बाद से सरकारी पैसे से इंज्वाय कर रहा था। Haryana News
रिलेशनशिप मैनेजर अभय : चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के आईडीएफसी बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर रहा। जो ऋभव ऋषि की बनाई योजना पर काम करते हुए अपनी पत्नी व साले को भी शामिल कर लिया। अधिकारियों के पास जाकर अपनी ब्रांच में एफडी बनवाने के लिए लाइजनिंग का काम करता था।
फर्जी कंपनी की मालकिन स्वाति सिंगला : स्वाति सिंगला ने एक स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट के नाम से कंपनी बनाई। जिसमें वह 75 प्रतिशत की शेयर होल्डर है। पति के कहने पर कंपनी बनाकर फंड को दूसरे अकाउंट में भेजा गया, जहां से प्रापर्टी व शेयर मार्केटिंग में हिस्सा लिया गया। Haryana News
स्वाति का भाई अभिषेक सिंगला: स्वास्तिक देश कंपनी में अभिषेक सिंगला की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अभिषेक स्वाति सिंगला का भाई और अभय का साला है। फर्जी कंपनी में हिस्सेदारी के साथ-साथ फंड को रीयल एस्टेट में लगाने व वहां से निकालने के जिम्मा अभिषेक संभालता था।
