मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा सहायता के लिए सरल पोर्टल पर करें आवेदन
इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में किसी नागरिक का उपचार न रुके। योजना की शर्त यह है कि आवेदक आयुष्मान भारत का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। इसके अलावा अगर कोई बीमारी आयुष्मान भारत में कवर नहीं होती तो इस योजना में शामिल किया जा सकता है। इसमें अधिकतम एक लाख रुपये तक की मेडिकल सहायता दी जाती है।
मुख्य रूप से इन बीमारियों के लिए मिलती है सहायता
मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत उन गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनका खर्च आम परिवारों के लिए उठाना कठिन होता है। इस योजना के अंतर्गत हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर, टाइरोसिनेमिया टाइप-1, ओस्टियोजेनेसिस इमपरफेक्टा, विकास हार्मोन की कमी, टर्नर सिंड्रोम, नूनन सिंड्रोम, सिस्टिक फाइब्रोसिस, प्राइमरी इम्यून डेफिशिएंसी, यूरिया चक्र विकार, पोरफाइरिया, माइटोकॉन्ड्रियल चयापचय रोग और गौचर रोग जैसी बीमारियों के उपचार के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा हर्लर सिंड्रोम, हंटर सिंड्रोम, पॉम्पे रोग, फैब्री रोग, एमपीएस 4-ए, एमपीएस 6, ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी, वोलमैन रोग, हाइपोफोस्फेटसिया और न्यूरोनल सेरॉइड लिपोफ्यूसिनोसिस जैसी गंभीर बीमारियां भी मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं।
आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत ही सरल
इस योजना के लिए प्रार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। वे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूर्ण कर सकते हैं। सबसे पहले प्रार्थी सरल पोर्टल पर लॉगिन करें।आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। इसके साथ अस्पताल के बिल, ओपीडी पर्ची और अन्य संबंधित मेडिकल दस्तावेज अपलोड करें।आवेदन के बाद जिला स्तरीय समिति (जिसमें सांसद, विधायक, उपायुक्त और सीएमओ शामिल होते हैं) दस्तावेजों की जांच करती है।आवेदन के 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान है।स्वीकृत राशि सीधे अस्पताल के खाते में या लाभार्थी के बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।
