रोहतक में नशे के खिलाफ अभियान तेज, केमिस्ट दुकानों पर लगेंगे CCTV
रोहतक: रोहतक जिले में नशा मुक्ति केंद्रों पर अब प्रशासन की नजर और कड़ी हो गई है। उपायुक्त (DC) सचिन गुप्ता ने सभी नशा मुक्ति केंद्रों की गहन जांच, दवाओं के स्टॉक का ऑडिट और रिकॉर्ड वेरिफिकेशन के आदेश जारी किए हैं। बैठक में डीसी ने स्पष्ट कहा कि इन केंद्रों में रखी जाने वाली दवाओं का किसी भी स्थिति में दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए कि नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण और छापेमारी की जाए।
दवाओं और मरीजों के रिकॉर्ड का होगा ऑडिट
जिले में चल रहे सभी नशा मुक्ति केंद्रों में उपलब्ध दवाओं, मरीजों को दी गई दवाओं और मौजूदा स्टॉक का व्यापक ऑडिट किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। हाल ही में टाइपेंडाजोल दवा के कथित दुरुपयोग के मामले में संबंधित मेडिकल स्टोर को सील कर दवाएं जब्त की गई थीं। डीसी ने सिविल सर्जन को यह भी निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले नशा पीड़ितों का डेटा नियमित रूप से संकलित किया जाए, ताकि नशा विरोधी अभियान को मजबूत किया जा सके।
कैमरे और निगरानी भी होगी सख्त
उन्होंने जिले के सभी केमिस्ट शॉप्स पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के आदेश भी दिए हैं, ताकि दवाओं की बिक्री और उपयोग पर निगरानी रखी जा सके।
NDPS मामलों में बड़ी कार्रवाई
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2026 में अब तक NDPS एक्ट के तहत 48 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 84 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 28 मुख्य सप्लायर शामिल हैं। पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं, जिनमें चरस, अफीम, गांजा, पोस्ता और हेरोइन शामिल हैं।
समन्वित अभियान पर जोर
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग मिलकर नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करेंगे। पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने भी अभियान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
