मानसून में पौधारोपण के लिए आगे आएं सभी विभाग, पौधों की देखभाल व संरक्षण भी करें सुनिश्चित :- वन मंडल अधिकारी सुंदर लाल सांभरिया
रोहतक, 14 जुलाई : वन मंडल अधिकारी सुंदर लाल सांभरिया ने जिला के सभी विभागाध्यक्षों का आह्वान किया है कि मानसून के अनुकूल मौसम का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पौधारोपण करें। इसके लिए निकटतम वन विभाग की नर्सरी से आवश्यक पौधे प्राप्त करें।
सुंदर लाल सांभरिया ने बताया कि जिला में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी सरकारी विभाग सक्रिय भागीदारी निभाएं। सरकारी कार्यालय परिसरों, संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, पार्कों, खाली सरकारी भूमि तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर योजनाबद्ध ढंग से पौधारोपण करें। सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी से रोहतक जिला के हरित आवरण में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भारत सरकार की मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) पहल के उद्देश्यों को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
वन मंडल अधिकारी सुंदर लाल सांभरिया बताया कि वन विभाग द्वारा वर्तमान पौधारोपण सीजन के लिए अपनी नर्सरियों में पर्याप्त संख्या में स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें विभिन्न देशी, सजावटी, सडक़ किनारे लगाए जाने वाले, औषधीय तथा छायादार प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। सभी विभागाध्यक्ष अपने क्षेत्र में पौधारोपण के लिए उपलब्ध वास्तविक स्थानों का आकलन कर पौधों की आवश्यकता निर्धारित करें और समय रहते निकटतम वन विभाग की नर्सरी से आवश्यक पौधे प्राप्त करें। पौधों की मांग केवल वास्तविक रूप से उपलब्ध पौधारोपण स्थलों के आधार पर ही की जाए, ताकि प्राप्त प्रत्येक पौधे को उचित स्थान पर लगाया जा सके तथा उसकी नियमित देखभाल सुनिश्चित हो। इससे सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होने के साथ-साथ पौधों की जीवित रहने की दर भी बढ़ेगी।
सात नर्सरियों से प्राप्त किए जा सकते हैं पौधे :-
सुंदर लाल सांभरिया ने बताया कि सरकारी विभाग सुनारिया वन नर्सरी, बोहर वन नर्सरी, सांघी वन नर्सरी, सांपला वन नर्सरी, समर गोपालपुर हर्बल पार्क नर्सरी, बैंसी वन नर्सरी तथा महम वन नर्सरी से आवश्यकता अनुसार पौधे प्राप्त कर सकते हैं। वन विभाग के संबंधित रेंज अधिकारी एवं वन कर्मचारी पौधों की प्रजाति के चयन, पौधारोपण की उचित तकनीक और पौधों की देखभाल के संबंध में आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करवाएंगे।
उपयुक्त स्थान पर ही करें पौधारोपण :-
उन्होंने बताया कि पौधारोपण केवल ऐसे उपयुक्त स्थानों पर किया जाए, जहां पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित रखरखाव की पर्याप्त व्यवस्था हो। पौधारोपण को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक पौधे को वृक्ष बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए। पौधारोपण कार्यक्रम पूरा होने के तुरंत बाद लगाए गए पौधों की संख्या, स्थान और पौधारोपण की तिथि के विवरण के साथ जियो-टैग की गई तस्वीरें सरकार के निर्देशानुसार मेरी लाइफ पोर्टल पर अपलोड करें।
पौधों की नियमित सिंचाई और सुरक्षा पर दें विशेष ध्यान
सुंदर लाल सांभरिया ने बताया कि पौधारोपण के बाद पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और रखरखाव करें। किसी कारण से पौधा नष्ट होने की स्थिति में उसके स्थान पर नया पौधा लगाया जाए, ताकि पौधों की अधिकतम जीवित रहने की दर हासिल की जा सके। किसी भी पौधारोपण अभियान की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से निर्धारित नहीं होती, बल्कि पौधों के दीर्घकालिक संरक्षण, जीवित रहने और उनके समुचित विकास से होती है।
