हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 10 सेवाएं अब राइट टू सर्विस के दायरे में

 
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 10 सेवाएं अब राइट टू सर्विस के दायरे में

चंडीगढ़, 01 जुलाई-हरियाणा सरकार ने नागरिकों एवं किसानों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) की 10 सेवाओं को हरियाणा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत अधिसूचित कर दिया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की गई है।

अधिसूचना के अनुसार अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी), डुप्लीकेट आवंटन एवं पुनः आवंटन, कन्वेयन्स डीड जारी करना, बिक्री की स्थिति में संपत्ति का पुनः हस्तांतरण तथा कृषि कार्यों के दौरान चोट लगने या मृत्यु हो जाने पर (विसरा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद) अनुग्रह सहायता (एक्स-ग्रेशिया) प्रदान करने से सम्बन्धित सेवाएं उपलब्ध 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसी प्रकार बेबाकी प्रमाण-पत्र (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) तथा बंधक (मॉर्गेज) के लिए एनओसी जारी करने की सेवाएं 15 दिनों के भीतर प्रदान की जाएंगी।

निर्विवाद मृत्यु (अनकंटेस्टेड डेथ) के मामलों में संपत्ति का पुनः हस्तांतरण तथा कृषि कार्यों के दौरान चोट लगने या मृत्यु हो जाने पर अनुग्रह सहायता (एक्स-ग्रेशिया) प्रदान करने से सम्बन्धित सेवाएं उपलब्ध 60 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी।

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जे-फॉर्म जारी करने के लिए एक दिन तथा मंडियों में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए दो दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

अधिसूचना के अनुसार अधिकांश सेवाओं के लिए संबंधित सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी को पदनामित अधिकारी बनाया गया है, जबकि जे-फॉर्म जारी करने के लिए मंडी सुपरवाइजर अथवा सहायक सचिव तथा सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के लिए मंडी समिति सचिव को नामित अधिकारी निर्धारित किया गया है। सभी सेवाओं के लिए जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा क्षेत्रीय विपणन प्रवर्तन अधिकारी को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी बनाया गया है।