हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी! राज्य सरकार ने उनकी एक बड़ी मांग को मान लिया है। अब किसान एक दिन में 40 क्विंटल तक सरसों बेच सकेंगे। पहले ये सीमा 25 क्विंटल प्रतिदिन थी, लेकिन किसानों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर 40 क्विंटल कर दिया है। इस फैसले से किसानों का समय और ट्रांसपोर्टेशन खर्च दोनों बचेगा।
क्या है नया नियम?
हरियाणा सरकार ने सरसों की खरीद के लिए गेट पास की सीमा को बढ़ाया है। पहले हर किसान को एक दिन में सिर्फ 25 क्विंटल सरसों बेचने की इजाजत थी। लेकिन अब नया नियम लागू होने के बाद ये लिमिट 40 क्विंटल हो गई है। इसका मतलब है कि किसान एक बार में ज्यादा फसल मंडी में ले जा सकेंगे, जिससे बार-बार आने-जाने की जरूरत कम होगी।

किसानों को कैसे होगा फायदा?
- समय की बचत: कम चक्कर लगाने से किसानों का वक्त बचेगा।
- खर्च में कमी: ट्रांसपोर्टेशन का खर्च घटेगा, क्योंकि एक ट्रिप में ज्यादा सरसों बिकेगी।
- बेहतर प्लानिंग: फसल बेचने की प्रक्रिया आसान और तेज होगी।
सरकार का कदम
ये फैसला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने लिया है। किसानों की लगातार मांग थी कि सरसों बेचने की दैनिक सीमा बढ़ाई जाए। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत एक्शन लेते हुए नया नियम लागू कर दिया। इससे पहले भी सरकार ने सरसों की खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर शुरू करने का ऐलान किया था, जो किसानों के लिए राहत भरा कदम था।
आगे क्या?
हरियाणा में सरसों की खरीद का सीजन चल रहा है। सरकार का दावा है कि वो हर रजिस्टर्ड किसान की फसल MSP पर खरीदेगी। ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इस नए नियम से मंडियों में भीड़ कम होगी और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी।
किसानों से अपील है कि वो इस बदलाव का ध्यान रखें और अपनी फसल बेचने की प्लानिंग इसके हिसाब से करें। ये कदम हरियाणा सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें किसानों की हर मुमकिन मदद का वादा किया गया है।