हरियाणा में पहला एयरपोर्ट, हिसार का महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट, अब उड़ान भरने को तैयार है। 28 मार्च 2025 से यहां विमानों का ट्रायल शुरू हो रहा है। ट्रायल में ATR प्लेन एयरपोर्ट पर उतरेंगे। इसके लिए हरियाणा सरकार ने पहले ही एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड के साथ समझौता (MoU) कर लिया था। आइए, इसकी हर डिटेल को आसान भाषा में समझते हैं।
ट्रायल की तैयारी पूरी, आज पहुंचे अधिकारी
एलायंस एयर के अधिकारी आज यानी 27 मार्च को हिसार एयरपोर्ट पहुंच गए हैं। वो रनवे, टर्मिनल और दूसरी सुविधाओं का जायजा ले रहे हैं। कंपनी के लिए एयरपोर्ट पर 4 कमरों का ऑफिस भी तैयार किया गया है। ये ऑफिस पुराने टर्मिनल और हैंगर के बीच बनाया जा रहा है। खास बात ये है कि इस ऑफिस का रास्ता मेन गेट से अलग होगा, ताकि आम लोग भी आसानी से वहां पहुंच सकें।
नीलगायों से निपटने की कवायद
एयरपोर्ट पर करीब 15 नीलगाय पहले से मौजूद हैं। ये अक्सर रनवे पर आ जाती हैं, जो उड़ान के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए वन्य प्राणी विभाग की टीम इन्हें पकड़ने में जुटी है। ट्रायल से पहले रनवे को पूरी तरह साफ करना जरूरी है, और ये काम तेजी से चल रहा है।
फ्लाइट शेड्यूल का प्लान
DGCA से लाइसेंस मिलने के बाद हिसार एयरपोर्ट का समर शेड्यूल तैयार हो रहा है। ये शेड्यूल 31 मार्च तक फाइनल हो जाएगा और 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक लागू रहेगा। 1 अप्रैल के बाद कभी भी 5 शहरों- अयोध्या, जम्मू, देहरादून, चंडीगढ़, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए फ्लाइट शेड्यूल जारी हो सकता है। पहली फ्लाइट हिसार से अयोध्या के लिए उड़ेगी। हरियाणा सरकार ने एलायंस एयर के साथ डील की है कि टिकटों में होने वाला घाटा पहले साल तक सरकार भरेगी।
शाम ढलते ही उड़ान बंद
अभी हिसार एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं है। इसलिए शाम 6:30 बजे के बाद कोई फ्लाइट नहीं उड़ेगी। सारी उड़ानें दिन में ही होंगी। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट को हरी झंडी दिखाएंगे। लेकिन PMO ने ‘उद्घाटन’ शब्द पर आपत्ति जताई है, क्योंकि ये एयरपोर्ट पहले भी 6 बार उद्घाटन हो चुका है। अब इस शब्द को हटाकर सिर्फ ‘शुभारंभ’ या ‘हरी झंडी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल होगा।
केंद्र सरकार संभालेगी कमान
हिसार एयरपोर्ट को अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) चलाएगी। हरियाणा सरकार ने इसे AAI को हैंडओवर कर दिया है। मतलब, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशन, मेंटिनेंस और नौकरियों का फैसला केंद्र सरकार करेगी। हरियाणा सरकार के पास सिर्फ जमीन का मालिकाना हक रहेगा। सुरक्षा की जिम्मेदारी भी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास होगी। अभी 300 हरियाणा पुलिस जवान तैनात हैं, जिन्हें बाद में गेट के बाहर शिफ्ट किया जा सकता है।
2024 में हुआ था MoU
हरियाणा सरकार ने 2024 में एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड के साथ MoU साइन किया था। इसके तहत कंपनी ATR प्लेन चलाएगी और शुरुआती घाटे को सरकार कवर करेगी। ये डील हिसार को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की बड़ी कड़ी है।
क्या होगा फायदा?
हिसार एयरपोर्ट शुरू होने से हरियाणा के लोगों को आसानी से 5 बड़े शहरों तक पहुंच मिलेगी। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि इलाके में बिजनेस और टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। लेकिन नाइट लैंडिंग की कमी अभी एक चुनौती है, जिसे भविष्य में ठीक करना होगा।