खरीफ फसलों में एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन एवं कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग पर दो दिवसीय कार्यक्रम शुरू
रोहतक, 5 अक्तूबर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, फरीदाबाद द्वारा खरीफ फसलों में कीटनाशकों के अत्यधिक अवशेष से निजात दिलाने तथा इनके सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर गांव गुढ़ाण में किसानों के लिए दो दिवसीय अभिरुचि कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को फसलों में एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन की विभिन्न पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को बीजोपचार, सब्जियों एवं खरीफ फसलों में होने वाले विभिन्न रोगों व कीटों की पहचान एवं उनका प्रबंधन, जैविक नियंत्रण, फेरोमोन ट्रैप तथा कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों ने किसानों को खेत में ले जाकर विभिन्न कीटों एवं रोगों की पहचान तथा फेरोमोन ट्रैप के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी भी दी। इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए विकसित मोबाइल ऐप के बारे में जानकारी देते हुए किसानों से ऐप डाउनलोड भी करवाया गया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को बीजोपचार के लिए ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशक का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर वनस्पति संरक्षण अधिकारी डॉ. जमुना नेगी, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी लक्ष्मीकांत, सुरजीत वर्मन एवं गौरव मौजूद रहे। कृषि विज्ञान केंद्र रोहतक की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मीनाक्षी सांगवान, कृषि विभाग रोहतक के ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. नरेश कुमार तथा जिला उद्यान विभाग की एचडीओ डॉ. भावना ने भी किसानों को कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में लगभग 40 किसानों ने भाग लिया। किसानों ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि खेत स्तर पर दी गई व्यावहारिक जानकारी उनके लिए काफी उपयोगी है।
