डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में की प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा
जिला भर में औद्योगिक प्रदूषण, सड़क की धूल, वाहनों के उत्सर्जन, कचरा व पराली जलाने पर रोक को लेकर विशेष कार्य योजना बनाएं विभाग
जिला में संशोधित ग्रेप प्रावधानों की प्रभावी ढंग से हो पालना-डीसी
झज्जर, 5 अक्टूबर।
एनसीआर का हिस्सा झज्जर जिलाभर में संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान ( ग्रेप ) के प्रभावी क्रियान्वयन और वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर सोमवार को अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता डीसी वर्षा खांगवाल ने की।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुनील श्योराण ने डीसी को विभिन्न विभाग की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों, हॉटस्पॉट तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी दी।
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए आपसी समन्वय से हो कार्य
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संशोधित ग्रेप के प्रावधानों को जिला में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तथा वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और चिन्हित हॉटस्पॉट पर नियमित निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से औद्योगिक प्रदूषण, डीजल जनरेटर सेट, सड़क की धूल, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाने एवं अवैध डंपिंग, धान की पराली व फसल अवशेष जलाने तथा निर्माण एवं सीएंडडी गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए।
सड़क की धूल व वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
डीसी ने अधिकारियों को सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल/वैक्यूम स्वीपिंग तथा आवश्यकतानुसार पानी के छिड़काव की व्यवस्था प्रभावी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई तथा यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
अवैध आरएमसी एवं एचएमपी इकाइयों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई
डीसी ने औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण तथा गैर-अनुपालक इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए हिदायतें दी। अवैध आरएमसी एवं एचएमपी इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई, अवैध अथवा बंद इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने तथा खुले स्थानों पर औद्योगिक, ठोस एवं निर्माण अपशिष्ट की अवैध डंपिंग रोकने के निर्देश भी दिए ।
पराली जलाने पर रोक के लिए फील्ड निगरानी मजबूत करने के निर्देश
डीसी वर्षा खांगवाल ने धान की पराली एवं फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों की उपलब्धता, प्रवर्तन कार्रवाई तथा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये।
चिन्हित क्षेत्रों में हो विशेष निगरानी
डीसी ने बैठक के दौरान बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव परनाला,बामनोली, लडरावन, कसार, मुकंदपुर, खैरपुर, कानोंदा और गुभाना सहित चिन्हित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। साथ ही खाली प्लॉटों, सड़कों के किनारे व खुले स्थानों पर पहले से डाले गए कचरे एवं निर्माण अपशिष्ट को हटाने की कार्रवाई की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
जन-जागरूकता और शिकायत निवारण को प्रभावी बनाने पर जोर
डीसी ने संबंधित विभागों को ग्रेप के प्रावधानों, पराली एवं कचरा जलाने से होने वाले नुकसान, सड़क की धूल नियंत्रण, पीयूसी की आवश्यकता तथा प्रदूषण संबंधी शिकायत दर्ज कराने के माध्यमों के बारे में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी के बिना वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। इसलिए लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच वीसी से जुड़े।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास,एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बादली विशाल, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, डीडीपीओ निशा तंवर,डीएफएससी आदित्य कौशिक, एडीटीओ राजेश मलिक,डीईओ रतिंद्र सिंह सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
