किसान हित के मद्देनजर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिथ तिथि 18 अगस्त तक बढ़ाई गई- उपायुक्त सचिन गुप्ता

 
किसान हित के मद्देनजर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिथ तिथि 18 अगस्त तक बढ़ाई गई- उपायुक्त सचिन गुप्ता

 
- ऋणी व गैर ऋणी किसान 18 अगस्त तक करवा सकते हैं फसलों का बीमा
- अब तक फसल बीमा करवाने से वंचित रहे किसान अवश्य करवाएं अपनी फसलों का बीमा
- खेती को जोखिम मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है योजना
रोहतक, 5 अगस्त : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों के हित के मद्देनजर ऋणी एवं गैर ऋणी किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि बढ़ाकर 18 अगस्त 2026 कर दी गई है। अभी तक अपनी फसलों का बीमा करवाने से वंचित रहे किसान इस अवधि के दौरान फसल बीमा अवश्य करवाए। जिला में एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कंपनी (एआईसी ऑफ इंडिया) को योजना के तहत फसलों का बीमा करने के लिए अधिकृत किया गया है।


सचिन गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा खेती को जोखिम मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्रियान्वित की जा रही है। सरकार द्वारा विभिन्न फसल बीमा कंपनियों को जिले अलॉट किए गए हैं। रोहतक जिला एआईसी ऑफ इंडिया को अलॉट किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा किसानों के हित को मद्देनजर रखते हुए ऋणी एवं गैर ऋणी किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिथ तिथि को बढ़ाकर 18 अगस्त 2026 किया गया है। उन्होंने जिला के सभी किसानों से इस फसल बीमा योजना का लाभ उठाने का आह्वïान किया है।


उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि यह योजना बेहद कम प्रीमियम दरों पर व्यापक सुरक्षा प्रदान करती है। किसान को धान, बाजरा, मक्का की फसलों के लिए बीमित राशि का केवल दो प्रतिशत और कपास फसल के लिए पांच प्रतिशत देना होता है और शेष बीमा प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा किया जाता है। धान फसल के लिए 2231.22 रुपए प्रति हेक्ट., कपास फसल के लिए 5706.80 रुपए प्रति हेक्ट., बाजरा फसल के लिए 1075.58 रुपए प्रति हेक्ट. और मक्का फसल के लिए 1144.22 रुपए प्रति हेक्ट. के हिसाब से किसान को प्रीमियम देना होगा और गैर ऋणी किसान बीमा करवाना चाहता है तो किसी भी सीएससी केंद्र पर जाकर फसल बीमा करवा सकता है।


सचिन गुप्ता ने बताया कि बीमित फसल में कोई स्थानीय आपदा ओलावृष्टि, जलभराव, भू-स्खलन आने पर व्यक्तिगत शिकायत किसान 72 घंटे के अंदर ऑनलाइन, फसल बीमा ऐप तथा कृषि रक्षक पोर्टल हेल्पलाइन 14447 के द्वारा दर्ज करवा सकते हंै। धान फसल को छोडक़र अन्य फसलों में जल भराव के कारण होने वाली हानि भी योजना में शामिल है। यह योजना किसान की खेती को जोखिम मुक्त बनाने में अहम भूमिका अदा करती है। स्थानीय आपदा में हुए नुकसान की भरपाई का प्रावधान भी योजना में किया गया है।