हरियाणा के किसानों के लिए Good News, 1 अक्टूबर से 38 मंडियों में शुरू होगी मूंग की खरीद
हरियाणा के किसानों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में खरीफ फसलों की खरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं और अब 1 अक्टूबर से 38 मंडियों में मूंग की खरीद भी शुरू हो जाएगी।
बता दें कि राज्य में खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य मूंग का 8,780 रुपये प्रति क्विंटल, अरहर का 8,450 रुपये, उड़द का 8,200 रुपये, तिल का 10,346 रुपये, मूंगफली का 7,517 रुपये तथा सोयाबीन का 5,708 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने खरीद योजना की समीक्षा करते हुए अनुमानित उत्पादन, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), खरीद कार्यक्रम, मंडियों में व्यवस्थाओं, भंडारण तथा खरीद एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया।
साल 2026-27 के लिए राज्य में मूंग, अरहर, उड़द, तिल, मूंगफली और सोयाबीन का कुल अनुमानित उत्पादन 52,761 टन आंका गया है। इनमें मूंग का अनुमानित उत्पादन 34,326 टन और मूंगफली का 16,456 टन है। इसके अतिरिक्त तिल का उत्पादन 1,222 टन, अरहर का 567 टन, उड़द का 164 टन तथा सोयाबीन का 26 टन अनुमानित है।
फसलों के रकबे में भी उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया है। मूंगफली का रकबा पिछले साल के 11,750 एकड़ से बढ़कर 20,570 एकड़ हो गया है, जबकि तिल का रकबा 2,124 एकड़ से लगभग दोगुना होकर 4,074 एकड़ पहुंच गया है। वहीं, मूंग का रकबा पिछले वर्ष के 1,47,650 एकड़ से घटकर 85,815 एकड़ रह गया है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने खरीद एजेंसियों को समय पर खरीद सुनिश्चित करने तथा भंडारण और बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा। इस संबंध में हैफेड, हरियाणा राज्य भंडारण निगम, नेफेड और एनसीसीएफ को जरूरी निर्देश दिए जाएंगे, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
वहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र सिंह ने बताया कि मूंग की खरीद 1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक 38 मंडियों में की जाएगी।
सोयाबीन की खरीद 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक सात मंडियों में तथा मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक सात मंडियों में होगी। अरहर, उड़द और तिल की खरीद 1 दिसंबर से शुरू होगी। इन फसलों के लिए राज्य में क्रमशः 22, 10 और 27 मंडियां निर्धारित की गई हैं। हरियाणा में रबी 2025-26 सीजन से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत किसानों की बायोमेट्रिक पहचान के लिए पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के माध्यम से खरीद की जा रही है।
