मंडी में फसल लाने से पहले नमी की मात्रा जरूर जांचे किसान, ताकि फसल बेचने में न हो परेशानी: डीएफएससी

जिला की मंडियों में फसल खरीद प्रक्रिया जारी, अब तक 2782 मीट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
 
मंडी में फसल लाने से पहले नमी की मात्रा जरूर जांचे किसान, ताकि फसल बेचने में न हो परेशानी: डीएफएससी

सिरसा, 10 अप्रैल: जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद प्रक्रिया जारी है। गत दिवस तक जिला के 319 किसानों की 2782 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं की खरीद की जा चुकी है जिसमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 118 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 2644 मीट्रिक टन तथा एचएसडब्ल्यूसी द्वारा 20 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक हरवीर सिंह ने बताया कि बड़ागुढा मंडी में 330 मीट्रिक टन, डबवाली मंडी में 338 मीट्रिक टन, डिंग मंडी में 10 मीट्रिक टन, ऐलनाबाद मंडी में 211 मीट्रिक टन, कालांवाली मंडी में 422 मीट्रिक टन, कुताना में 93 मीट्रिक टन, नाथूसरी चौपटा में 275 मीट्रिक टन, रानियां में 48 मीट्रिक टन, सिरसा में 848 मीट्रिक टन तथा तलवाड़ा खुर्द मंडी में 207 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई, साथ ही जिला की अन्य मंडियों में भी गेहूं की आवक जारी है।

फसल खरीद प्रक्रिया के तहत मंडियों में किसानों के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता व्यवस्था की हुई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। किसानों से भी अपील है कि वे अपने गेहूं को मंडी में लाने से पहले अच्छी तरह से सुखा लें ताकि संबंधित एजेंसी को समर्थन मूल्य पर फसल खरीद में कोई दिक्कत न आए। 

उन्होंने कहा कि फसल में अधिक नमी होने से खरीद में देरी होने की संभावना होती है। किसान द्वारा सूखी फसल लाने से मंडी में उसकी फसल जल्द व निर्धारित समर्थन मूल्य पर बिकती है, इससे उसका समय भी बचता है।