Delhi-Dehradun Highway: दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे होगा 6 लेन का, केंद्र सरकार से मिली हरी झंडी
वर्ष 2009 में यह हाईवे कई हिस्सों में चार लेन का बना था, लेकिन अब ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ चुका है। लगातार बढ़ते यातायात और जाम की समस्या को देखते हुए एनएचएआई ने इसे छह लेन में विस्तार देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को जाम से राहत देना, दुर्घटनाओं में कमी लाना और क्षेत्रीय यातायात को सुचारू बनाना है।
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एनएचएआई राज्य के जनप्रतिनिधियों से मंत्रणा करेगा। इसके लिए कौशल विकास राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक समेत कई नेताओं से चर्चा की जाएगी। हाईवे के डिजाइन, फ्लाईओवर और अंडरपास को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों के सुझावों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
मेरठ से रुड़की तक के बीच आने वाले सभी फ्लाईओवर, अंडरपास और खतरनाक कट्स की जांच की जाएगी। नई डिजाइन में छह लेन हाईवे के अनुरूप सभी संरचनाओं को पुनर्निर्मित या चौड़ा किया जाएगा। विशेष ध्यान उन कट्स पर दिया जाएगा, जहां अक्सर हादसे होते हैं। इनमें पीनना तिराहा, बागोवाली चौराहा, रथेड़ी कट, बिलासपुर कट, चीतल कट, मंसूरपुर तिराहा और बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के पास के कट शामिल हैं।
मेरठ क्षेत्र में बागपत बाइपास, कंकरखेड़ा, मोदीपुरम, दौराला, सकौती, दादरी जैसे फ्लाईओवर और मुजफ्फरनगर सीमा के अंतर्गत भंगेला फ्लाईओवर, रायपुर-नंगली अंडरपास, भैंसी फ्लाईओवर, संधावली, जानसठ और भोपा बाइपास अंडरपास शामिल हैं। एनएचएआई के मेरठ यूनिट के सहायक अभियंता आशीष कुमार के अनुसार, सर्वे कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इसके बाद डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेजी जाएगी और मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे का यह चौड़ीकरण प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इस मार्ग पर यात्रा और भी सुगम और तेज हो जाएगी। इससे न केवल ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
