Haryana News: हरियाणा के सिरसा में लाइट घोटाले में ग्राम सचिव गिरफ्तार, 4 बीडीपीओ पहले हो चुके हैं संस्पेड

 
सिरसा, हरियाणा। सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा खंड के गांव हंजीरा और जोड़कियां में सौर लाइट घोटाले के मामले में नाथूसरी चौपटा पुलिस ने ग्राम सचिव सुभाष फौजी को गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में पंचायत विभाग ने पहले ही सिरसा जिले के चार ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर (बीडीपीओ) को सस्पेंड कर दिया था और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।

घोटाले का खुलासा: बिना लाइट लगाए निकाले 10 लाख रुपये

गांव हंजीरा और जोड़कियां में ग्राम पंचायत ने हाई मास्ट सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। हालांकि, बिना सौर लाइट लगाए ही 10 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई। शिकायत के बाद ग्राम सचिव ने राशि वापस जमा करवा दी, लेकिन मामला न्यूज पेपर में प्रकाशित होने के बाद विकास एवं पंचायत विभाग ने इसकी जांच शुरू की। जांच का जिम्मा अधीक्षक अभियंता, पंचायती राज, गुणवत्ता नियंत्रण एवं चौकसी सेल को सौंपा गया।

जांच प्रक्रिया और कमेटी की रिपोर्ट

अधीक्षक अभियंता ने अप्रैल 2022 में कार्यकारी अभियंता इलेक्ट्रिकल, अंबाला को पत्र लिखकर सोलर लाइट की स्पेसिफिकेशन और बिलों के बाजार मूल्य के आधार पर अनुमानित लागत की जांच करने को कहा। इसके लिए कार्यकारी अभियंता रविंद्र गुप्ता ने 24 मार्च 2022 को एक कमेटी गठित की, जिसमें उपमंडल अधिकारी इलेक्ट्रिकल रोहतक विशाल पुनिया, संजय गुप्ता (उपमंडल अधिकारी, इलेक्ट्रिकल, अंबाला), और अमन कुमार (जेई इलेक्ट्रिकल, अंबाला) शामिल थे। इस कमेटी ने 6 अप्रैल 2022 को अपनी रिपोर्ट कार्यकारी अभियंता को सौंपी, जिसे 8 अप्रैल को अधीक्षक अभियंता विजिलेंस सेल, पंचायत राज, ईश्वर सिंह को भेज दिया गया।

एसआईटी जांच और गिरफ्तारी

रिपोर्ट के आधार पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया, जिसमें ऐलनाबाद डीएसपी संजीव कुमार और एसआई पूनम चंद शामिल थे। एसआईटी की जांच में ग्राम सचिव सुभाष फौजी पर घोटाले में संलिप्तता के आरोप सिद्ध हुए। इसके बाद नाथूसरी चौपटा थाने में मामला दर्ज किया गया और शनिवार को सुभाष फौजी को गिरफ्तार कर लिया गया।

विभागीय कार्रवाई

इस मामले में पंचायत विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए सिरसा जिले के चार बीडीपीओ को सस्पेंड कर दिया था। विभाग ने इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया है। जांच अभी भी जारी है, और अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।