New Tunnel: केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी लोगों को बेहतर यतायात सुविधा देने के लिए लगातार एक्सप्रेसवे, हाईवे और सड़कों का निर्माण कर रहे है। लोगों को बेहतर रोड सुविधा देने के लिए सरकार द्वारा ये प्रयास किये जा रहे हैं। इसी बीच नागपुर से मुंबई तक 701 KM लंबे समृद्धि एक्सप्रेसवे का आखिरी चरण जनता के लिए खुला, जिसमें 7.8 KM लंबी 'कसारा घाट टनल' शामिल है। यह भारत की पहली स्मार्ट टनल है जो हाई टेक सुविधाओं से लैस है। नागपुर से मुंबई तक जुड़े समृद्धि एक्सप्रेसवे का आखिरी चरण भी जनता के लिए खोल दिया गया है, जिससे अब पूरा 701 किलोमीटर लंबा सफर सुगम और तेज हो गया है। यह हिस्सा इगतपुरी (नासिक) से अमाने (ठाणे) तक फैला है और 5 जून से चालू किया गया।
इन सुविधाओं से लैस है टनल
इस अंतिम 76 KM लंबे हिस्से में देश की सबसे लंबी रोड टनल 'कसारा घाट टनल' बनाई गई है, जिसकी लंबाई 7.8 किलोमीटर है। यह भारत की पहली स्मार्ट टनल भी है, जिसे पहाड़ियों के बीच से होकर तैयार किया गया है। इस टनल की सबसे बड़ी खासियत इसका ऑटोमेटिक फायर सेफ्टी सिस्टम है, जो जैसे ही टनल का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस पार करता है, हाई प्रेशर वॉटर मिस्ट सिस्टम खुद एक्टिव हो जाता है और पानी की बौछार से आग को बुझाता है।
टनल में लगाए कुल 26 फायर अलार्म सिस्टम
टनल के भीतर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल हुआ है, जैसे हर 150 मीटर पर इमरजेंसी फोन, हर 30 मीटर पर स्पीकर, और कुल 26 फायर अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं। इस टनल को दो वायाडक्ट्स पर तैयार किया गया है, जिनमें एक की ऊंचाई 9.10 मीटर और दूसरे की 12.95 मीटर है. इसके निर्माण में 23,000 टन सीमेंट और 400 टन स्टील का उपयोग हुआ है। टनल को पार करने में केवल 7 मिनट का समय लगेगा, जिससे यात्रा का समय घटेगा और ट्रैफिक में राहत मिलेगी. टनल के अंदर ऑक्सीजन सप्लाई, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा के लिए लीकी केबल भी बिछाई गई है। समृद्धि एक्सप्रेसवे को 150 किमी/घंटा की अधिकतम गति के लिए डिजाइन किया गया है, जो इसे भारत का पहला हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे बनाता है। इसके ज़रिए नागपुर से मुंबई की दूरी अब सिर्फ 7 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जो पहले 16 घंटे तक लगती थी।
प्रोजेक्ट पर 55,000 करोड़ आई लागत
इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 55,000 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें 33 बड़े पुल, 274 छोटे पुल, 65 फ्लाईओवर और 6 टनल शामिल हैं। एक्सप्रेसवे 10 जिलों और 390 गांवों से होकर गुजरता है, जिससे स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।