UPSC Success Story: सड़क हादसे में गई याददाश्त, फिर भी नहीं मानी हार, कड़ी मेहनत से अथिरा ने हासिल की 483वीं रैंक

 
UPSC Success Story: सड़क हादसे में गई याददाश्त, फिर भी नहीं मानी हार, कड़ी मेहनत से अथिरा ने हासिल की 483वीं रैंक
UPSC Success Story: कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है, उन्हे सफलता एक न एक दिन अवश्य मिलती है। ऐसी ही कहानी है - केरल की अथिरा सुगथन, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से सफलता का मुकाम हासिल कर देशभर में अपना उदाहरण दिया है। जीवन में कितनी भी मुश्किल आ जाएं लेकिन जो लगातार मेहनत करना नहीं छोड़ते है उनके कदम सफलता खुद चूमती है। 

कैसी भी परिस्थितियों में अगर हौसला मजबूत हो तो मंजिल अवश्य मिलती है। केरल की अथिरा सुगथन जो साल 2016 में हुए एक सड़क हादसे में वह व्हीलचेयर पर आ गईं और दो साल तक याददाश्त भी चली गई थी लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत से चौथे प्रयास में UPSC की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 483वीं रैंक हासिल प्राप्त की और समाज में एक प्रेरणा का उदाहरण पेश किया। UPSC Success Story

ऐसे बदल दी जिंदगी

अथिरा सुगथन केरल के कोझिकोड की रहने वाली हैं। जब वह बेंगलुरु में साल 2016 में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की पढ़ाई कर रही थीं, उसी दौरान उनका एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। जिसमे वो व्हीलचेयर पर आ गईं और लगभग दो साल तक याददाश्त खो बैठीं। उन्हें यह तक याद नहीं था कि वह BDS की पढ़ाई कर रही थीं। UPSC Success Story

ऐसे लौटी याददाश्त

अथिरा सुगथन की काफी समय तक इलाज के बाद याददाश्त धीरे-धीरे वापस आने लगी। फिर बाद में उन्होंने दोबारा बेंगलुरु लौटकर अपनी पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया। अथिरा ने बताया कि पहले तीन साल में पढ़े हुए कई विषय वह भूल चुकी थीं, लेकिन धीरे-धीरे पढ़ाई को दोबारा समझकर BDS की पढ़ाई पूरी की।

NGO में काम और सपना

साल 2020 में अथिरा कोझिकोड लौटीं और एक NGO के साथ जुड़कर दिव्यांग लोगों के लिए काम करने लगीं। कोविड-19 के दौरान काम करते हुए उनके मन में बड़े स्तर पर समाज के लिए काम करने का सपना आया और उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया। UPSC Success Story

ऑनलाइन तैयारी से पास 

अथिरा ने तिरुवनंतपुरम स्थित एक IAS कोचिंग अकादमी में दाखिला लिया, जिसमें दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम भी था। उन्होंने मलयालम को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना और अधिकतर क्लास ऑनलाइन अटेंड कीं। कभी-कभी वह अपने माता-पिता की मदद से तिरुवनंतपुरम जाकर भी पढ़ाई करती थीं।

छोटी बहन ने दिया साथ

अथिरा की सफलता में उनकी छोटी बहन अनघा का बड़ा योगदान है। अनघा पहले BSC साइकोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी लेकिन अपनी बड़ी बहन की देखभाल के लिए उन्होंने कोर्स बीच में छोड़ दिया और BSC नर्सिंग में दाखिला ले लिया ताकि वह अथिरा का बेहतर तरीके से ध्यानरख सकें। अथिरा से जब UPSC इंटरव्यू में उनके सबसे अच्छे दोस्त के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी बहन अनघा का नाम लिया था। UPSC Success Story

IAS बनना है सपना

अथिरा का सपना IAS अधिकारी बनना है, उन्होंने कहा कि अगर अंतिम चयन नहीं हुआ तो वह आगे भी प्रयास जारी रखेंगी। अथिरा के मुताबिक, “इस संकट ने मेरे अंदर एक साहसी इंसान को जन्म दिया। व्हीलचेयर पर होना मेरे सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बन सकता।”

UPSC CSE 2025 टॉपर्स

इस साल UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में कुल 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। UPSC Success Story

पहला स्थान: अनुज अग्निहोत्री

दूसरा स्थान: राजेश्वरी सुवे एम

तीसरा स्थान: आकांक्ष धुल

दूसरे स्थान पर रहीं राजेश्वरी सुवे एम

राजेश्वरी सुवे एम तमिलनाडु के मदुरै जिले के वडिपट्टी कस्बे की रहने वाली हैं। वह फिलहाल तमिलनाडु सरकार के अंतर्गत डिंडीगुल जिला कलेक्टर कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर (ट्रेनिंग) के पद पर कार्यरत हैं।