हरियाणा में सफ़र करने वाले ध्यान दें! आज सोच समझ कर करें यात्रा, नहीं मिलेगी बसें!

 

हिसार, 14 अप्रैल 2025: हरियाणा में आज यात्रियों को बस से सफर करने से पहले रोडवेज बसों की उपलब्धता की जानकारी लेना जरूरी होगा। आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के दौरे पर हैं। वे हिसार में हरियाणा के पहले हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे, हिसार से अयोध्या के लिए पहली व्यावसायिक उड़ान को हरी झंडी दिखाएंगे, और हिसार व यमुनानगर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रदेशवासियों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी।

इन रैलियों में भारी भीड़ जुटाने के लिए हरियाणा सरकार ने रोडवेज बसों की बड़े पैमाने पर व्यवस्था की है। प्रदेश के सभी जिलों से बसें रैली स्थलों पर भेजी जा रही हैं, जिसके चलते सामान्य यात्रियों को बस सेवाओं में कमी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर, नारनौल डिपो से 44 बसें हिसार के लिए रवाना की गई हैं, जिससे नियमित रूट्स पर बसों की उपलब्धता प्रभावित होगी।

रोडवेज बसों की व्यवस्था और प्रभाव

  • नारनौल डिपो: वर्तमान में नारनौल डिपो से 145 बसें विभिन्न रूट्स पर चलती हैं। इनमें से 44 बसें पीएम की रैली के लिए हिसार भेजी गई हैं। इस वजह से केवल 101 बसें ही नियमित रूट्स पर उपलब्ध होंगी।
  • रिजर्व बसें: कुछ बसें रिजर्व में भी रखी गई हैं, ताकि किसी बस में खराबी होने पर तुरंत दूसरी बस भेजी जा सके।
  • गांवों में बसें भेजी गईं: 13 अप्रैल की शाम तक रोडवेज बसों को संबंधित गांवों में भेज दिया गया था, ताकि 14 अप्रैल की सुबह ये बसें रैली के लिए लोगों को हिसार और यमुनानगर पहुंचा सकें। रैली खत्म होने के बाद ये बसें यात्रियों को वापस लाएंगी, जिसके बाद ही इन्हें नियमित रूट्स पर लौटाया जाएगा।
  • अच्छी बसों की कमी: रोडवेज प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि रैली के लिए भेजी जाने वाली बसें साफ-सुथरी, दुरुस्त, और फर्स्ट एड बॉक्ससे लैस हों। नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं ताकि बसें समय पर पहुंचें। इससे अच्छी हालत वाली बसें रैली में चली जाएंगी, जिसका असर लंबे रूट्स पर पड़ेगा।

यात्रियों के लिए सलाह

  • सफर से पहले जांच करें: रोडवेज बसों की कमी के कारण यात्रियों को सफर करने में परेशानी हो सकती है। जरूरी काम होने पर ही घर से निकलें और बसों की उपलब्धता की जानकारी पहले ले लें।
  • वैकल्पिक साधन: यात्रियों को प्राइवेट वाहनों या निजी साधनों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
  • लंबे रूट्स पर असर: दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम जैसे लंबे रूट्स पर बसों की कमी ज्यादा महसूस होगी।

रोडवेज प्रबंधन का बयान

नारनौल डिपो के महाप्रबंधक अनित यादव ने कहा, "प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए हिसार में 44 बसें भेजने के आदेश मिले हैं। हमने निर्देशों का पालन किया है। चूंकि लगातार छुट्टियों का समय है, इसलिए बसों में भीड़ कम रहने की संभावना है। फिर भी, जिन रूट्स पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।"

रैली की तैयारियां

  • हिसार में रैली के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयारियां की गई हैं, जिसमें जलरोधक टेंट, 25,000 कुर्सियां, और 3.5 लाख वर्ग फीट का जर्मन टेंट शामिल है।
  • जींद से 110 बसें, और अन्य जिलों से भी सैकड़ों बसें रैली के लिए भेजी जा रही हैं।
  • बीजेपी नेता और कार्यकर्ता भी गांव-गांव से लोगों को रैली तक पहुंचाने में जुटे हैं।

यात्रियों पर प्रभाव

  • कम बसें: नारनौल डिपो की 30% से ज्यादा बसें रैली में लगने से सामान्य रूट्स पर बसों की कमी होगी।
  • लंबी प्रतीक्षा: यात्रियों को बस स्टैंड पर लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
  • भीड़ का दबाव: छुट्टियों के बावजूद कुछ रूट्स पर यात्रियों की भीड़ बढ़ सकती है।

नोट: यात्रियों से अनुरोध है कि वे सफर से पहले हरियाणा रोडवेज की वेबसाइट (hartrans.gov.in) या संबंधित बस स्टैंड से संपर्क कर बसों की उपलब्धता की जानकारी ले लें। ताजा अपडेट्स के लिए स्थानीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें।