यहां बनेगा 74.5 किमी का गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, अब कनेक्टिविटी होगी और भी ज्यादा तेज
Ganga-Jewar Link Expressway Noida: उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार को मंजूरी दे दी है, जो अब गौतम बुद्ध नगर जिले में ग्रेटर नोएडा से भी जुड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने 'गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे' को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत, गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। यूपी मंत्रिमंडल ने गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के लिए निर्माण एजेंसी के चयन को भी मंजूरी दे दी है। 74.5 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,586 करोड़ रुपये है। यह यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर 21 में प्रस्तावित नई फिल्म सिटी के पास जुड़ेगा। इसका मुख्य मार्ग लगभग 80 मीटर चौड़ा होगा, और सर्विस रोड को मिलाकर इसकी कुल चौड़ाई 130 मीटर हो जाएगी।
संयुक्त एक्सप्रेसवे परियोजना: यमुना प्राधिकरण और बुलंदशहर
यमुना प्राधिकरण और बुलंदशहर के अधिकार क्षेत्र से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे दो चरणों में पूरा किया जाएगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मॉडल के तहत बनाया जाएगा। यमुना प्राधिकरण ने गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि के संबंध में अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले 92% किसानों से सहमति प्राप्त कर ली है। हालांकि, रास्ते में पड़ने वाले कुछ गांवों में आबादी वाली जमीन के अधिग्रहण को लेकर शुरुआती दिक्कतें आई थीं, लेकिन अब 'भूमि अधिग्रहण अधिनियम' के अनुसार जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिससे उचित मुआवजा मिलना सुनिश्चित होगा। रबुपुरा और बुलंदशहर के कुछ हिस्सों में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं को जल्द सुलझाने के प्रयास चल रहे हैं। प्रशासन 'भूमि अधिग्रहण अधिनियम' के प्रावधानों के अनुसार बाकी किसानों से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। यमुना प्राधिकरण के अतिरिक्त CEO (ACEO) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे के लिए YEIDA (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में आवश्यक भूमि का 92% और बुलंदशहर जिले में 70% हिस्सा पहले ही अधिग्रहित किया जा चुका है।
यूपी में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विकास
मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने कई परियोजनाओं के लिए डेवलपर्स के चयन को मंजूरी दी। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आने की उम्मीद है। इससे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) इस 'गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे' (या 'जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे') को विकसित कर रहा है, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक नया कनेक्टिविटी रूट बनेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ना
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (और यमुना एक्सप्रेसवे) को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ेगा। इससे मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे वहां के लोग दिल्ली या नोएडा के ट्रैफिक में फंसे बिना जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कॉरिडोर तक पहुंच सकेंगे। यह उत्तर प्रदेश के दो सबसे बड़े एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा। यह रूट बुलंदशहर के स्याना इलाके में बिचोला और बहापुर के पास से शुरू होगा और सेक्टर-21 (फिल्म सिटी) तथा जेवर एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। यह बुलंदशहर की स्याना, शिकारपुर और खुर्जा तहसीलों के साथ-साथ नोएडा की जेवर तहसील के 56 गांवों से होकर गुजरेगा।
गंगा लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण दो चरणों में
पैकेज 1 में गौतम बुद्ध नगर के भाईपुर ब्राह्मण से बुलंदशहर के बिचोला तक 24.5 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण शामिल है, जिसकी लागत 2,107 करोड़ रुपये होगी। पैकेज 2 में बुलंदशहर की स्याना तहसील में बिचोला से बहापुर तक का 50 km का हिस्सा शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत ₹2,126 करोड़ है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने इस परियोजना के लिए ₹1,209 करोड़ का विशेष बजट आवंटित किया है।
बुलंदशहर से प्रयागराज-मेरठ तक कनेक्टिविटी
इस 6-लेन एक्सप्रेसवे को आगे चलकर 8-लेन का किया जा सकता है। ट्रैफिक जाम से बचने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के जंक्शन पर एक बड़ा इंटरचेंज बनाया जा रहा है। इससे मेरठ और हापुड़ से नोएडा एयरपोर्ट तक का सफर घटकर 1 से 1.5 घंटे का रह जाएगा। यमुना सिटी के औद्योगिक क्षेत्रों (28–29, 32–33) को मिलने वाली कनेक्टिविटी से सामान की आवाजाही आसान हो जाएगी। बुलंदशहर और खुर्जा जैसे औद्योगिक केंद्र, दिल्ली, नोएडा एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए प्रयागराज और मेरठ से जुड़ जाएंगे।
