TET Mandatory : 20 हजार से ज्यादा शिक्षकों के Career पर लटकी तलवार, नौकरी और प्रमोशन के लिए टैट अनिवार्य
सोमवार को सांसद लालजी वर्मा ने लोकसभा में यह मामला उठाया था, पर शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला है। RTI अधिनियम -2009 की धारा 23(1) के तहत टैट शिक्षक भर्ती और प्रमोशन के लिए जरूरी है।
NCET की 23 अगस्त 2010 की राजपत्र अधिसूचना के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के टीचरों के लिए टैट पास करना जरूरी है। अब पंजाब के साल 2011 से पहले नियुक्त 20 हजार से ज्यादा अध्यापकों की नौकरी और प्रमोशन दोनों पर संकट के बादल छाने लगे हैं। हालांकि 5 साल से कम नियुक्ति वाले टीचरों को टैस्ट में छूट है।
पुराने शिक्षकों के लिए चुनौती
पंजाब शिक्षक संघ का कहना है कि यह फैसला लाखों परिवारों की आजिविका पर चोट है। संघ ने केंद्र से टैट छूट की मांग बी की है। हालाकिं फैसला देश में शिक्षा गुणवत्ता की दिशा में अहम कदम है लेकिन यह फैसला पुराने शिक्षकों के लिए कड़ी चुनौती है।
शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक पंजाब में मास्टर कैडर प्रमोशन के लिए टैट-2 अनिवार्य है 5 साल से ज्यादा सेवा वाले टीचरों को 2 साल में टेस्ट पास करना होगा।
इन शिक्षकों के लिए टैट अनिवार्य
30 जुलाई 2011 से पहले सेवा में शामिल शिक्षकों को छूट थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अनिवार्य है। नए टीचरों की भर्ती में भी टेस्ट जरूरी है। कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ाने वाले टीचर, चाहे उनकी नियुक्ति 2011 से पहले हुई हो या बाद में टैट अनिवार्य है. पुराने शिक्षकों को तुरंत हटाने का आदेश नहीं दिया गया है, बल्कि सेवा अवधि पर 2वर्ग बनाए हैं।
जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल या उससे ज्यादा का समय बचा है उन्हें 2 साल का समय दिया गया है। टैट अब सिर्फ परीक्षा नहीं बल्कि करियर के लिए एक अनिवार्य शर्त बन गया है।
