Tablighi Jamaat Ijtema Nuh 2025: नूंह में तब्लीगी जमात का जलसा, 15 लाख लोग पहुंचेंगे, मौलाना साद करेंगे संबोधन
Tablighi Jamaat Ijtema Nuh 2025: हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में 19 से 21 अप्रैल 2025 तक तब्लीगी जमात का तीन दिवसीय जलसा (इज्तेमा) आयोजित किया जा रहा है। इस जलसे में तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधलवी मुख्य रूप से शिरकत करेंगे। Haryana News के अनुसार, देश-विदेश से 10 से 15 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसमें 21 एकड़ में पांडाल, 100 एकड़ से अधिक बैठने की व्यवस्था, और 20-20 एकड़ की पार्किंग शामिल है। पुलिस और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, लेकिन जलसा स्थल के अंदर पुलिस की एंट्री नहीं होगी।
जलसे की मुख्य विशेषताएं
- स्थान: फिरोजपुर झिरका, नूंह (मेवात), हरियाणा।
- तारीख: 19-21 अप्रैल 2025 (3 दिन)।
- प्रमुख वक्ता: मौलाना साद कांधलवी, तब्लीगी जमात के अमीर।
- अनुमानित भीड़: 10-15 लाख लोग (देश-विदेश से)।
- उद्देश्य: इस्लामिक शिक्षाओं और रास्तों पर चलने के लिए प्रेरित करना।
- खासियत: पहला ऐसा जलसा जहां अंदर पुलिस की एंट्री नहीं होगी; व्यवस्था जमात के वॉलंटियर्स संभालेंगे।
तैयारियां और व्यवस्थाएं
कमिटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर रफीक मास्टर ने बताया कि आयोजन की तैयारियां पिछले 4 महीने से चल रही थीं। Haryana News के अनुसार, प्रमुख व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:
- पांडाल और बैठने की जगह: 21 एकड़ में विशाल पांडाल और 100 एकड़ से अधिक जमीन बैठने के लिए रिजर्व।
- पार्किंग: सभी दिशाओं में 20-20 एकड़ की पार्किंग व्यवस्था।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: कार्यक्रम स्थल के आसपास ट्रैफिक गतिविधियां बंद रहेंगी। ट्रैफिक मैप तैयार किया गया है।
- सुरक्षा: पुलिस और अर्द्धसैनिक बल बाहर तैनात रहेंगे। जलसा स्थल के अंदर तब्लीगी जमात के वॉलंटियर्स व्यवस्था संभालेंगे।
- खाने की व्यवस्था: कमिटी ने बिरयानी बेचने वालों को सख्त चेतावनी दी है। केवल वेज बिरयानी या चिकन बिरयानी की अनुमति होगी। बड़े पशु के मांस (बीफ) की बिरयानी पर पूरी तरह रोक। उल्लंघन पर पुलिस कार्रवाई होगी।
नूंह और तब्लीगी जमात का ऐतिहासिक महत्व
तब्लीगी जमात की शुरुआत 1926-27 में हजरत मौलाना इलियास कांधलवी ने नूंह (मेवात) से ही की थी। उन्होंने मेवात को इस्लामिक शिक्षा और प्रचार का केंद्र बनाया। Haryana News के अनुसार, नूंह से शुरू हुआ यह आंदोलन आज 150 से अधिक देशों में फैल चुका है। मेवात क्षेत्र में हर साल जलसा आयोजित होता है, और इस बार फिरोजपुर झिरका को चुना गया है। पिछला जलसा राजस्थान के मेवात क्षेत्र में हुआ था।
ट्रैफिक और पुलिस व्यवस्था
- ट्रैफिक नियंत्रण: आयोजन स्थल के आसपास सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने विशेष मैप तैयार किया है।
- पुलिस तैनाती: नूंह पुलिस ने जलसे के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। अर्द्धसैनिक बल और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाएंगे।
- खास व्यवस्था: जलसा स्थल के अंदर सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी तब्लीगी जमात के वॉलंटियर्स की होगी। पुलिस केवल बाहरी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन देखेगी।
15 लाख लोगों की उम्मीद
आयोजकों का अनुमान है कि जलसे में 10 से 15 लाख लोग शामिल होंगे। Haryana News के अनुसार, यह नूंह में अब तक का सबसे बड़ा जलसा होगा। 121 एकड़ जमीन पर इंतजाम किए गए हैं, जिसमें पांडाल, बैठने की जगह, और पार्किंग शामिल हैं। एक्सपर्ट टीम ने हर व्यवस्था पर नजर रखी है।
बिरयानी पर सख्ती: केवल चिकन या वेज की अनुमति
कमिटी ने जलसे में खाने की व्यवस्था पर सख्त नियम लागू किए हैं। Haryana News के अनुसार, बीफ बिरयानी पर पूरी तरह रोक है। बिरयानी बेचने वालों को केवल वेज या चिकन बिरयानी बेचने की अनुमति होगी। रफीक मास्टर ने चेतावनी दी कि यदि कोई बड़े पशु के मांस की बिरयानी बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई होगी। यह कदम स्थानीय संवेदनशीलता और गोवंश संरक्षण के प्रति हरियाणा सरकार के सख्त रुख को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
नूंह में गो तस्करी का संदर्भ
हाल ही में नूंह के रोजका मेव में 50 लाख की फॉर्च्युनर कार में गो तस्करी का मामला सामने आया था, जिसका वायरल वीडियो चर्चा में रहा। Haryana News के अनुसार, इस घटना के बाद पुलिस और गौरक्षक दल की सक्रियता बढ़ गई है। जलसे के दौरान ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त निगरानी की योजना बनाई है।
Tablighi Jamaat Ijtema Nuh तब्लीगी जमात का वैश्विक प्रभाव
तब्लीगी जमात एक वैश्विक इस्लामिक मिशनरी आंदोलन है, जो मुसलमानों को इस्लाम की मूल शिक्षाओं का पालन करने और गैर-मुसलमानों को दावत देने पर जोर देता है। नूंह के मेवात क्षेत्र से शुरू हुआ यह आंदोलन आज 12 से 80 मिलियन अनुयायियों के साथ 150 देशों में सक्रिय है। मौलाना साद कांधलवी, जो जमात के वर्तमान अमीर हैं, निजामुद्दीन मार्कज (दिल्ली) के नेतृत्व में इस जलसे को संबोधित करेंगे।
हरियाणा सरकार और प्रशासन की भूमिका
हरियाणा सरकार ने जलसे के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का निर्देश दिया है। नूंह पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की योजना बनाई गई है। Haryana News के अनुसार, जलसा स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था होगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है।
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