Punjab News: सरकार की इस मामले में बड़ी कार्रवाई, DSP और SHO समेत ये पुलिस अधिकारी हुए सस्पेंड
May 14, 2025, 15:46 IST
Punjab News: पंजाब के अमृतसर जिले के कई गांवों में नकली शराब पीने (Amritsar hooch tragedy) से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है और 10 अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया है और अवैध शराब के नेटवर्क पर पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की है। मजीठा उपखंड में रविवार देर रात हुई इस त्रासदी ने परिवारों को तबाह कर दिया है और राज्य सरकार को बढ़ती आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ितों में से अधिकतर दिहाड़ी मजदूर और औद्योगिक मजदूर थे, जो भंगाली, पातालपुरी, मरारी कलां, थेरेवाल, तलवंडी खुम्मन, करनाला और भंगवान गांवों के रहने वाले थे। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती दस लोगों में से चार की हालत गंभीर है। खबरों की मानें, तो जांच से पता चला है कि अवैध शराब में मेथनॉल मिला हुआ था, जो एक जहरीला औद्योगिक अल्कोहल है, जिसे ऑनलाइन थोक में खरीदा गया था। पुलिस का कहना है कि साहिब सिंह के रूप में पहचाने जाने वाले सरगना ने 600 लीटर मेथनॉल का ऑर्डर देकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसे बाद में पतला करके स्थानीय सप्लाई करने वाले और विक्रेताओं के नेटवर्क के माध्यम से वितरित किया गया। मुख्य आपूर्तिकर्ता प्रभजीत सिंह को अन्य सहयोगियों के साथ गिरफ्तार भी किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (अमृतसर ग्रामीण), मनिंदर सिंह ने पुष्टि की कि मेथनॉल को 50 लीटर के जेरी कैन में पहुंचाया गया और प्रभावित गांवों में विभिन्न दुकानों पर बेचने से पहले शराब के स्टॉक में मिलाया गया। आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें अन्य राज्यों में भेजी गई हैं, जिनमें रसायनों की आपूर्ति करने वाली संदिग्ध कंपनियां भी शामिल हैं। खबरों की मानें, तो पुलिस ने इस मामले में अब तक कम से कम दस लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं चार अधिकारियों - मजीठा के पुलिस उपाधीक्षक अमोलक सिंह, स्टेशन हाउस ऑफिसर अवतार सिंह, स्थानीय आबकारी और कराधान अधिकारी और एक आबकारी निरीक्षक को घोर लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है, और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और प्रत्येक पीड़ित के परिजनों को 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। इसके साथ ही आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पीड़ितों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी। मान ने कहा, "ये मौतें नहीं हैं, ये हत्याएं हैं। राजनीतिक, नौकरशाही या पुलिस के समर्थन के बिना ऐसी त्रासदी नहीं हो सकती थी," उन्होंने दोषियों को सख्त सजा देने का वादा किया।
