फरीदाबाद और करनाल में 1.78 लाख अवैध जल कनेक्शन, हरियाणा के 16 जिलों में भूजल में यूरेनियम संदूषण
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) ने अपनी रिपोर्ट में फरीदाबाद और करनाल शहरों में 1.78 लाख से अधिक अवैध जल कनेक्शन होने का खुलासा किया है। इसके साथ ही राज्य के 16 जिलों में भूजल में यूरेनियम संदूषण की गंभीर समस्या पर भी ध्यान आकर्षित किया गया है।
PAC रिपोर्ट का बड़ा खुलासा
PAC रिपोर्ट, जो 26 मार्च को विधानसभा में प्रस्तुत की गई, ने 2023 की CAG रिपोर्ट के आधार पर ग्रामीण और शहरी जल आपूर्ति योजनाओं की खामियों को उजागर किया है। रिपोर्ट में पीने के पानी की अपर्याप्त आपूर्ति, अनमीटर्ड कनेक्शन और जल गुणवत्ता की गंभीर समस्याएं सामने आई हैं।
हरियाणा में तीन विभाग जल आपूर्ति का प्रबंधन करते हैं:
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लोक स्वास्थ्य विभाग - ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में जल आपूर्ति
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शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULBD) - गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत और सोनीपत में जल आपूर्ति
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) - अपने द्वारा विकसित सेक्टरों में जल आपूर्ति
PAC रिपोर्ट के अनुसार, ULBD के जवाब में फरीदाबाद में 1,04,961 और करनाल में 74,001 अवैध जल कनेक्शन पाए गए। PAC अध्यक्ष और नूंह विधायक अफताब अहमद ने कहा कि अवैध कनेक्शन न केवल जल अपव्यय बढ़ा रहे हैं, बल्कि सरकार को भारी राजस्व नुकसान भी पहुंचा रहे हैं।
नेशनल वाटर पॉलिसी का नहीं हुआ पालन
नेशनल वाटर पॉलिसी के अनुसार, सभी अवैध और अनमीटर्ड जल कनेक्शनों को एक वर्ष के भीतर मीटर युक्त कनेक्शन में बदलना था। ग्रामीण क्षेत्रों में मार्च 2017 तक 50% जल कनेक्शनों को मीटरयुक्त किया जाना था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
जल गुणवत्ता में गंभीर गिरावट, 16 जिलों में यूरेनियम प्रदूषण
CAG रिपोर्ट में पाया गया कि हरियाणा के कई इलाकों में पीने के पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं, फरीदाबाद के 8 में से 7 स्थानों के जल नमूने जल गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए गए।
PAC ने यह भी बताया कि हरियाणा के 16 जिलों – अंबाला, भिवानी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, मेवात, पलवल, पानीपत, सिरसा और सोनीपत में भूजल में यूरेनियम की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। हालांकि, जल परीक्षण की सुविधाएं अपर्याप्त हैं।
PAC अध्यक्ष अफताब अहमद ने कहा, "सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे ताकि लोगों को दूषित भूजल से बचाया जा सके। इसके लिए जल परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन और प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है।"
ट्यूबवेल से नहर आधारित जल आपूर्ति की ओर बदलाव नहीं
सेंट्रल वाटर पॉलिसी के तहत ट्यूबवेल-आधारित जल आपूर्ति को नहर आधारित जल आपूर्ति में परिवर्तित किया जाना था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी प्रयास नहीं किए गए।
फ्लैट रेट पर जल शुल्क वसूली पर PAC की कड़ी आलोचना
PAC ने लोक स्वास्थ्य विभाग की फ्लैट रेट पर जल शुल्क वसूली प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि अब सभी अनमीटर्ड कनेक्शनों को मीटरयुक्त किया जाना चाहिए ताकि जल शुल्क की गणना उपयोग की गई जल मात्रा के आधार पर की जा सके। PAC ने सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की है।
महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना अब भी अधूरी
PAC रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत जल आपूर्ति अवसंरचना अब तक 13 वर्षों में भी पूरी नहीं हो सकी है। लोक स्वास्थ्य विभाग इस योजना को लागू करने में असफल रहा है।
हरियाणा में जल आपूर्ति से जुड़ी बड़ी अनियमितताएं और जल गुणवत्ता की गंभीर समस्याएं PAC रिपोर्ट में उजागर हुई हैं। अब देखना होगा कि सरकार अवैध जल कनेक्शनों को वैध करने, मीटर आधारित शुल्क प्रणाली लागू करने और दूषित जल समस्या का समाधान करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।
