Operation Sindoor: हरियाणा के सिरसा में आई थीं कर्नल सोफिया कुरैशी, छात्रों को कही थी ये बड़ी बात

 
Operation Sindoor: हरियाणा के सिरसा में आई थीं कर्नल सोफिया कुरैशी, छात्रों को कही थी ये बड़ी बात
Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना की ओर से जो प्रेस ब्रीफ‍िंग दी गई, उसमें 2 महिला अधिकारी भी शामिल हैं. इसमें एक का नाम सोफिया कुरैशी है, तो दूसरे का नाम व्योमिका सिंह. सोफिया कुरैशी ( Sofia Qureshi ) इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं और 7 साल पहले वे सिरसा के राजकीय नेशनल महाविद्यालय में विद्यार्थियों को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने आई थी। Operation Sindoor: हरियाणा के सिरसा में आई थीं कर्नल सोफिया कुरैशी, छात्रों को कही थी ये बड़ी बात पूर्व प्राचार्य व राजकीय नेशनल महाविद्यालय सिरसा के तत्कालीन प्लेसमेंट सेल के प्रभारी डॉ रविंद्र पुरी ने याद करते हुए बताया कि 2019 में कॉलेज के प्लेसमेंट सेल के माध्यम से छात्र-छात्राओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करने के लिए एक कार्यक्रम के आयोजन में आर्मी अधिकारी सोफिया कुरैशी ने शिरकत की थी। उसे समय वह सेना की सिग्नल कोर की अधिकारी थी। डॉ रविंद्र पुरी ने बताया कि उस समय भी सोफिया कुरैशी एक बेहद जोशीली सेना अधिकारी थी जिसके जोश भरे भाषण के बाद वहां पर उपस्थित दर्जनों छात्र-छात्राएं इस कदर प्रभावित थे कि उन्होंने सेना में जाने के बारे में जानकारियां मांगी । Operation Sindoor: हरियाणा के सिरसा में आई थीं कर्नल सोफिया कुरैशी, छात्रों को कही थी ये बड़ी बात उन्होंने बताया कि अपने अभिभाषण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को सेना में भर्ती होने के लिए सभी को आग्रह किया और उनका कहना था कि सेना एक ऐसा परिवार है जहां कोई भेदभाव नहीं और सब मिलजुल कर देश और मानवता की सेवा करते हैं। तब उन्होंने बताया था कि सेना में व्यक्ति अपने देश की सेवा के साथ-साथ अपना व्यक्तित्व विकास, अपने शौक को पूरा कर सकता है और साथ ही भारत की एकता और अखंडता के दर्शन को जी सकता है। Operation Sindoor: हरियाणा के सिरसा में आई थीं कर्नल सोफिया कुरैशी, छात्रों को कही थी ये बड़ी बात डॉ पुरी ने बताया कि वे महाविद्यालय में लगभग डेढ़ 2 घंटे तक रही और इस बीच कॉलेज के छात्र लगातार उनके साथ सेल्फी लेते रहे क्योंकि उस समय भी उनका व्यक्तित्व बेहद मोटीवेटिंग और दमदार दिखाई दे रहा था । उनका अभिभाषण देश प्रेम की भावना से भरा हुआ था और वे सभी विद्यार्थियों को आह्वान कर रही थी कि हमारा व्यक्तित्व मजबूत होना चाहिए और जब कभी भी हमारे देश को हमारी जरूरत हो हमें अपने देश के काम आना चाहिए इसके लिए सबसे अच्छा माध्यम सेना है।