जनजातीय समुदायों के संवैधानिक अधिकारों और कानूनी प्रावधानों पर राष्ट्रीय सम्मेलन

 
   जनजातीय समुदायों के संवैधानिक अधिकारों और कानूनी प्रावधानों पर राष्ट्रीय सम्मेलन

प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 4:15PM by PIB Delhi

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने दिल्ली के स्कोप कॉम्प्लेक्स में आयोजित "जनजातीय समुदायों के लिए संवैधानिक अधिकार और कानूनी प्रावधान" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (6 से 7 अक्टूबर 2026) का उद्घाटन किया।

इस सम्मेलन का उद्देश्य देश भर के विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय कल्याण और राजस्व विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विशिष्ट विशेषज्ञों को भी एक मंच पर लाना है ताकि जनजातीय समुदायों को अपने संवैधानिक अधिकारों का लाभ उठाने में आने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जा सके और संभावित सिफारिशें और सुधारात्मक उपाय सुझाए जा सकें।

अपने उद्घाटन भाषण में श्री जुएल ओराम ने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करें, जिससे जनजातीय समुदायों के संवैधानिक अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित मामलों में अन्य लोग एक-दूसरे से सीख सकें। उन्होंने जमीनी स्तर के अधिकारियों से समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने के महत्व पर भी बल दिया, जिससे केंद्र सरकार को समाधान और व्यावहारिक दिशा-निर्देश तैयार करने में सहायता मिलेगी।

जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और नागरिक-हितैषी प्रक्रियाओं की आवश्यकता पर बल दिया। उन्‍होंने फर्जी दावों के खिलाफ प्रभावी सुरक्षा उपायों को बनाए रखने पर भी जोर दिया।

जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा ने आशा जताई कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में सामान्य चुनौतियां, अनुकरणीय सर्वोत्तम प्रथाएं, अभिलेखों के डिजिटलीकरण की भूमिका, सुव्यवस्थित प्रलेखन, ऑनलाइन ट्रैकिंग, प्रभावी शिकायत निवारण और मजबूत अंतर-राज्यीय सत्यापन तंत्र जैसे मुद्दे सामने आएंगे।

इस सम्मेलन में लगभग 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 75 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में तकनीकी सत्र, खुली चर्चाएं और अनुभव साझा करने के सत्र होंगे।

सम्मेलन की चर्चाओं से संवैधानिक सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन को मजबूत करने और जनजातीय समुदायों के लिए प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ सुरक्षा एवं सेवाओं को बढ़ावा देने में योगदान मिलने की आशा है।