Ban on buying and selling Saran Greenfield Township has been lifted : राज्य सरकार ने सारण जिले में प्रस्तावित 'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' के लिए चिह्नित क्षेत्र में जमीन की खरीद, बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
जमीन की रजिस्ट्री की अनुमति
शहरी विकास एवं आवास विभाग ने जमीन की रजिस्ट्री की अनुमति दे दी है। हालांकि, जब तक इस क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान आधिकारिक तौर पर अधिसूचित नहीं हो जाता, तब तक किसी भी तरह के निर्माण या जमीन के विकास की अनुमति नहीं होगी। भविष्य में होने वाले किसी भी निर्माण कार्य को तय किए गए 'लैंड-यूज़' (भूमि उपयोग) नियमों और 'डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशंस' (DCR) का सख्ती से पालन करना होगा।
78 राजस्व गांवों की पहचान
यह जानकारी विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा जारी एक प्रेस नोट के माध्यम से दी गई। जिला मजिस्ट्रेट वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि विभागीय निर्देश मिलने के बाद, जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। प्रस्तावित टाउनशिप के लिए सोनपुर (सारण जिला) के हरिहरनाथपुर क्षेत्र में लगभग 78 राजस्व गांवों की पहचान की गई है। इन इलाकों में पहले जमीन की रजिस्ट्री और लेन-देन पर रोक इसलिए लगाई गई थी ताकि अनियोजित बसावट और बेतरतीब निर्माण को रोका जा सके।
जमीन मालिकों को राहत
पहले लगी पाबंदियों के कारण किसानों और स्थानीय जमीन मालिकों को काफी परेशानी हो रही थी। वे अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक या वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी जमीन का लेन-देन नहीं कर पा रहे थे। अब इस रोक के हटने से इन जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिली है।
प्रस्तावित टाउनशिप की योजना में चौड़ी सड़कें, जल निकासी व्यवस्था (ड्रेनेज सिस्टम), हरे-भरे स्थान (ग्रीन स्पेस), ट्रांसपोर्ट हब और कमर्शियल ज़ोन शामिल हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि जमीन की रजिस्ट्री की अनुमति मिलने का मतलब यह नहीं है कि निर्माण कार्य की भी अनुमति मिल गई है। निर्माण की अनुमति तभी मिलेगी जब मास्टर प्लान लागू हो जाएगा और वह तय नियमों के अनुरूप होगा।
