Japanese City Noida: UP के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए यमुना प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सेक्टर-5 में 'जापानी सिटी' बनाई जाएगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यमुना प्राधिकरण द्वारा कल्लूपुरा गांव के 31 किसानों से भूमि खरीद की सूची प्रकाशित की है और इस पर आपत्तियां मांगी गई हैं।
ग्रीन टेक्नोलॉजी कंपनियों का बनेगा हब
यह जमीन सेक्टर-5 में विकसित होने वाली जापानी सिटी परियोजना के लिए आवश्यक है। इस जापानी सिटी में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी, सोलर एनर्जी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की अग्रणी जापानी कंपनियों के आने की संभावना है. यह क्षेत्र भविष्य की तकनीकी और औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा.
आधारभूत ढांचे के साथ जापानी परिवेश
सिटी का संपूर्ण विकास उत्तर प्रदेश सरकार और यमुना प्राधिकरण मिलकर करेंगे. इसमें सड़कों, बिजली, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. इसके अलावा यहां रहने वाले जापानी पेशेवरों के लिए जापानी संस्कृति के अनुकूल वातावरण और घर, स्कूल, अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
सेक्टर-4 में कोरियन, सेक्टर-5 में जापानी सिटी की योजना
यमुना प्राधिकरण (YEIDA) ने सेक्टर-4 में कोरियन सिटी और सेक्टर-5 में जापानी सिटी विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है. दोनों शहरों के लिए कुल 760 हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है.
भूमि अधिग्रहण पर होगा 2544 करोड़ रुपये खर्च
इस परियोजना के लिए कुल 2544 करोड़ रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण किया जाएगा. यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के अनुसार इस लागत का 50 प्रतिशत (1272 करोड़ रुपये) उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी. जबकि बाकी 50 प्रतिशत यमुना प्राधिकरण खुद खर्च करेगा।
क्या कहता है प्रशासन?
CEO डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि “परियोजना का उद्देश्य जापानी निवेश को आकर्षित करना और नोएडा क्षेत्र को एशिया के हाईटेक उद्योगों का हब बनाना है.” उन्होंने कहा कि “परियोजना का कार्यान्वयन पारदर्शिता और किसानहित को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा.”