Income Tax Rule: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा इनकम टैक्स रूल, बदल जाएगा पैसे लेने-देने का तरीका

 
Income tax rule will be applicable from April 1, 2026
Income Tax Rule: इनकम टैक्स से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। इनकम टैक्स की दुनिया अब पूरी तरह बदलने वाली है। अब जल्द ही ITR भरना उतना ही आसान होगा जितना ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना। सरकार एक नया इनकम टैक्स कानून ला रही है जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। इसका सबसे बड़ा हाईलाइट है प्रीफ्ल्ड ITR। यानी आपका टैक्स फॉर्म पहले से भरा हुआ मिलेगा। 

आपको बस चेक करके सबमिट पर क्लिक करना है। इस बदलाव के पीछे का असली कारण है डाटा इंटीग्रेशन। अब इनकम टैक्स विभाग आपकी इनकम और खर्चों पर टेक्नोलॉजी के जरिए नजर रख रहा है और इसी के चलते अब क्रिप्टो करेंसी की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। 

अगर आप क्रिप्टो एक्सचेंज से ट्रेडिंग करते हैं तो डिपार्टमेंट के पास उसका पूरा डाटा होगा और आपको ITR में इसका खुलासा करना ही होगा। पैन कार्ड के नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। 

अब ₹5 लाख से कम की कार खरीदने पर पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी। पहले यह हर कार के लिए जरूरी था। वहीं प्रॉपर्टी मार्केट में थोड़ी राहत देते हुए पैन कार्ड की लिमिट ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है। लेकिन अगर आप एक साल में ₹1 लाख से ज्यादा कैश जमा करते हैं या ₹1 लाख से ऊपर का होटल बिल चुकाते हैं तो पैन देना अनिवार्य है। 

सैलरीड क्लास के लिए एक और बड़ी खबर है। अब हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद को भी मेट्रो सिटीज की लिस्ट में शामिल किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि इन शहरों में रहने वाले लोग अब मुंबई दिल्ली की तरह ज्यादा HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस क्लेम कर पाएंगे। साथ ही मोटर अलाउंस में ₹8000 से ₹10,000 तक की छूट दी गई है जो इंजन की कैपेसिटी पर निर्भर करेगी। 

इन बदलावों का मकसद साफ है। सिस्टम को टैक्स पेयर फ्रेंडली बनाना और बेवजह की कागजी कारवाही को खत्म करना। AIO डाटा एनालिटिक्स के इस दौर में डिपार्टमेंट आपसे कम सवाल पूछेगा क्योंकि आपकी ज्यादातर जानकारी उनके पास पहले से ही एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट यानी AIS के जरिए मौजूद होगी। यह नया कानून भारतीय टैक्स सिस्टम को मॉडर्न और ट्रांसपेरेंट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।