IGNOU: शिक्षा से कौशल तक, नई तकनीक के संग इग्नू पूरा कर रहा है हर शिक्षार्थी का सपना 327 विद्यार्थियों को बाँटी गईं डिग्रियां

 
IGNOU: शिक्षा से कौशल तक, नई तकनीक के संग इग्नू पूरा कर रहा है हर शिक्षार्थी का सपना 327 विद्यार्थियों को बाँटी गईं डिग्रियां
IGNOU: इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ धर्म पाल ने जानकारी देते हुए बताया की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का 39वाँ दीक्षांत समारोह आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्सवपूर्ण वातावरण में क्षेत्रीय केंद्र करनाल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्म पाल ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं इग्नू कुलगीत के साथ हुआ। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्म पाल एवं उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। 

इसके पश्चात डॉ. अमित कुमार जैन ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।

अपने संबोधन में डॉ. धर्म पाल ने क्षेत्रीय केंद्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष 39वें दीक्षांत समारोह के अंतर्गत क्षेत्रीय केंद्र करनाल से कुल 22,391 विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें 5,117 स्नातकोत्तर, 14,401 स्नातक, 2,424 डिप्लोमा, 285 पीजी डिप्लोमा तथा 164 प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के विद्यार्थी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय ने लचीले एवं कौशल-आधारित पाठ्यक्रम अपनाए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

डॉ. धर्म पाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इग्नू का उद्देश्य शिक्षा को सुलभ, समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है। डिजिटल शिक्षा, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, वर्चुअल काउंसलिंग तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विश्वविद्यालय दूर-दराज क्षेत्रों तक शिक्षा पहुँचा रहा है।

मुख्य अतिथि डॉ. सुनील कुमार ने अपने संबोधन में इग्नू की सराहना करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय ने भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। उन्होंने कहा कि इग्नू ने भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक सीमाओं को पार करते हुए शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाया है।

उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, कौशल विकास करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान और नैतिक मूल्यों का होना भी आवश्यक है।

डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि इग्नू की “कभी भी, कहीं भी, किसी के लिए” शिक्षा प्रणाली विशेष रूप से कामकाजी पेशेवरों, गृहणियों, ग्रामीण एवं वंचित वर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई है। उन्होंने विश्वविद्यालय की नवाचारपूर्ण पहल और उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता की भी सराहना की।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। मंच संचालन किरण सचदेवा द्वारा किया गया तथा अंत में अनुभाग अधिकारी रोबिन वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. चंद्रकान्त, अनामिका, सुनील कुमार, राजीव दिलौरी सहित विभिन्न अध्ययन केंद्रों के समन्वयक, कॉलेजों के अध्यापकगण, विशिष्ट अतिथि एवं अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।