BH Series No Plate: क्या आप भी अपने वाहन पर BH सीरीज की नंबर प्लेट लगवाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए खास होने वाली है। आज हम आपको BH सीरीज वाली नंबर प्लेट के फायदे और नुकसान से लेकर इसे कैसे लगाया जा सकता है, इन सबके बारे में आपको विस्तार से बताएंगे। आपको बता दें कि BH सीरीज नंबर प्लेट की शुरुआत भारत सरकार ने अगस्त, 2021 में की थी। ये नंबर प्लेट सिर्फ नई प्राइवेट गाड़ियों को दी जाती है, कमर्शियल वाहनों को ऐसी नंबर प्लेट नहीं मिलती। इस सीरीज की नंबर प्लेट में BH के बाद गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा जाता है और वाहन की कैटेगरी क्या है, इसकी जानकारी भी होती है। इसके फॉर्मेट की बात करें तो इसमें ईयर ऑफ़ रजिस्ट्रेशन (YY), फिर BH (भारत सिरीज़), फिर 4 डिजिट का रजिस्ट्रेशन नंबर और फिर वाहन की कैटेगरी बताने वाले दो अक्षर जो कि A से लेकर Z तक हो सकते हैं।
जानें BH नंबर प्लेट के फायदे
आपको बता दें कि स्टेट रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ अगर आप अपनी जगह बदलते हैं तो आपको नए राज्य में जाने के 12 महीने के भीतर वाहन के रजिस्ट्रेशन को बदलना होता है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आप सड़क नियमों का उल्लंघन कर सकते हैं। इससे आपका कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। बीमा कंपनी सड़क नियमों का पालन न करने के कारण कार इंश्योरेंस क्लेम को रिजेक्ट कर सकती है। जबकि, BH नंबर के साथ आपको ये परेशानी नहीं होती, क्योंकि आपको एक से दूसरी जगह जाने पर वाहन के रजिस्ट्रेशन को चेंज नहीं करना होता है। ऐसे में कार इंश्योरेंस कवरेज या क्लेम वैलिडिटी को लेकर चिंता नहीं करनी होती है।
जानें किसे मिलती है ये नंबर प्लेट?
PIB की साल 2023 की प्रेस रिलीज़ बताती है कि देश के 26 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में भारत सिरीज़ नंबर प्लेट रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। तो यहां से संबंध रखने वाले वे सभी लोग, जो राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, रक्षा कर्मी, बैंक कर्मचारी या प्रशासनिक सेवा कर्मचारी तो वे BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। रही बात प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की, तो वे भी इसके लिए योग्य हैं, बशर्ते उनकी कंपनी के ऑफ़िस कम से कम चार राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में रजिस्टर्ड हो।
जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन ?
BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बहुत आसान है। इसके लिए आपको अपने राज्य के आरटीओ दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आप घर बैठे ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए आप मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज़ के VAHAN पोर्टल पर ख़ुद से लॉगिन कर सकते हैं या किसी ऑथोराइज़्ड ऑटोमोबाइल डीलर की मदद ले सकते हैं। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को फ़ॉर्म 60 भरना होता है. उन्हें वर्क सर्टिफिकेट के साथ एम्प्लॉयमेंट आईडी भी दिखानी होती है, फिर ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स सबमिट करने होते हैं। इसके बाद अथॉरिटीज़ गाड़ी की पात्रता की जांच करते हैं। BH नंबर के लिए RTO से अप्रूवल मिलने के बाद जरूरी मोटर व्हीकल टैक्स भरना होता है। फिर VAHAN पोर्टल आपकी कार के लिए BH सीरीज रजिस्ट्रेशन जेनरेट करता है।
जानें नुकसान है या नहीं
अगर गाड़ी लोन पर ली हुई है, तो बैंक की NOC की जरूरत पड़ सकती है। कई बैंकों की नीति अभी तक बीएच सीरीज रजिस्ट्रेशन को लेकर स्पष्ट नहीं है। वहीं अगर भविष्य में कोई शख़्स बीएच नंबर हटाकर सामान्य स्टेट की नंबर प्लेट लेना चाहता है, तो प्रक्रिया थोड़ी लंबी और जटिल हो सकती है। साथ ही टैक्स की दरें थोड़ी अधिक लग सकती हैं।