Google Chrome यूजर्स के लिए High Alert, कहीं आपका प्राइवेट डेटा तो नहीं हो रहा लीक...फटाफट करें ये काम

 
Google Chrome यूजर्स के लिए High Alert, कहीं आपका प्राइवेट डेटा तो नहीं हो रहा लीक...फटाफट करें ये काम
Google Chrome यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्ट टीम ने गूगल क्रोम के डेस्कटॉप वर्जन को लेकर हाई-रिस्क अलर्ट जारी किया है। एडवाइजरी के मुताबिक, क्रोम ब्राउज़र में सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां पाई गई हैं, जिन्हें MacOS और Windows पर पिछले वर्जन 137.0.7151.119/.120 और Linux पर वर्जन 137.0.7151.119 से अपडेट नहीं किया गया है।

ऐसे होती है पर्सनल प्राइवेसी लीक

आपको बता देन कि हैकर सुरक्षा में जुड़ी इन खामियों के चलते साइबरक्रिमिनल्स, यूजर की मशीन पर मैलिशियस कोड रन करने में सफल हो जाते हैं जिससे ब्राउजर क्रैश हो जाता है। सेंध लगाकर ये क्रिमिनल्स यूजर को किसी कंप्रोमाइज की गई या मैलिशियस वेबसाइट पर रीडायरेक्ट हो जाते हैं और आपकी पर्सनल प्राइवेसी चुरा ली जाती है। हैरानी वाली बात ये है कि आपकी जानकारी इस तरह चोरी होती है कि आपको इसका पता भी नहीं लगता। और यूजर्स तब तक अपने सिस्टम में सेंध लगने की बात से अनजान रहते हैं जबतक कि उनका कोई महत्वपूर्ण डेटा चोरी हो।

जल्द किया जाएगा रोलआउट

डाटा सेफ करने के लिए CERT-In ने यूजर्स को सलाह दी है कि गूगल से क्रोम ब्राउजर के लेटेस्ट स्टेबल रिलीज को इंस्टॉल करें। ऑफिशियल पैच अब उपलब्ध है। डेस्कटॉप के लिए Stable Channel पर गूगल के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, Windows और macOS के लिए वर्जन 137.0.7151.119/.120 और Linux के लिए 137.0.7151.119 को रिलीज कर दिया गया है और आने वाले दिनो में इन्हें धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा।

जानें कैसे रहें सुरक्षित

बिना किसी देरी के करें अपडेट और सुनिश्चित करें कि आपका क्रोम ब्राउजर बिना किसी देरी सबसे लेटेस्ट स्टेबल रिलीज पर अपग्रेड हो ताकि खामियों को फिक्स किया जा सके। वेरिफाई करें कि Chrome की ऑटोमैटिक अपडेट सेटिंग एक्टिव है ताकि भविष्य में सिक्यॉरिटी फिक्स अप्लाई होते ही लागू हो जाएं। Google Chrome