Haryana RTE Admission 2025: प्राइवेट स्कूलों में फ्री शिक्षा की राह हुई कठिन, अभी तक जारी नहीं हुआ शेड्यूल
Haryana RTE Admission 2025: हरियाणा में 10वीं और 12वीं कक्षाओं को छोड़कर सभी कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं और नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू हो गया है। लेकिन शिक्षा विभाग (Education Department) ने अभी तक शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE Act) के तहत दाखिले का शेड्यूल जारी नहीं किया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभिभावक असमंजस में हैं और बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
दाखिले में देरी से छात्रों को नुकसान
RTE 2009 की धारा 12(1)(c) और RTE एक्ट 2011 के तहत, हर मान्यता प्राप्त निजी स्कूल को अपनी कुल सीटों का 25% हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। इस योजना के तहत बीपीएल परिवार, अनुसूचित जाति (SC), दिव्यांग और जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है, ऐसे विद्यार्थियों को प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त दाखिला मिलता है। हालांकि, अधिकारियों को भी यह स्पष्ट नहीं है कि दाखिले कब से शुरू होंगे। देरी के कारण छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो सकता है।
शिक्षा विभाग ने मांगी सीटों की जानकारी Haryana RTE Admission 2025
शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूल संचालकों से उपलब्ध सीटों का ब्यौरा मांगा है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, रोहतक, दिलजीत सिंह ने बताया, "RTE एक्ट के तहत दाखिले के लिए सभी स्कूलों से 25% सीटों की डिटेल मांगी गई है। शेड्यूल जल्द ही जारी किया जाएगा।" फिर भी, अभिभावकों को सटीक तारीख का इंतजार है।
कौन कर सकता है आवेदन?
- अगर विद्यार्थी के घर से 1 किलोमीटर के दायरे में कोई सरकारी स्कूल नहीं है, तो वह नजदीकी निजी स्कूल में दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है।
- ऐसे विद्यार्थियों से कोई फीस नहीं ली जाती, और इसका खर्च सरकार वहन करती है।
- बीपीएल, SC, दिव्यांग और कम आय वाले परिवारों के बच्चे पात्र हैं।
अभिभावकों की चिंता
नए सत्र की शुरुआत के बावजूद RTE दाखिले का शेड्यूल न आने से अभिभावक परेशान हैं। उन्हें डर है कि देरी से उनके बच्चों का एक साल बर्बाद हो सकता है। शिक्षा विभाग से जल्द कदम उठाने की मांग की जा रही है ताकि गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को समय पर शिक्षा मिल सके।
