Haryana Property Rule: हरियाणा में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, जमीनों की रजिस्ट्री कराने के लिए करना होगा ये काम
Jun 8, 2025, 09:19 IST
Haryana Property Rule: हरियाणा में अगर आप प्रॉपर्टी (Haryana News) खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। दरअसल, शहरी क्षेत्रों में जमीनों की रजिस्ट्री में नियम-7ए के का उल्लंघन अभी भी रुका नहीं है। ग्राउंड से आई गोपनीय रिपोर्ट के बाद प्रदेश की सरकार ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। इसके लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने लिखित आदेश जारी किया है। जिसमें सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए है कि शहरी क्षेत्रों में डीटीपी की NOC के बिना जमीनों की रजिस्ट्री नहीं होगी। जानकारी के मुताबिक, मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी जिलो के डीसी को इसकी मॉनिटरिंग करने के आदेश भी दिए हैं। पूर्व में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के दौरान भी नियम-7ए के उल्लंघन के हजारों मामले सामने आए थे। इस मामले की जांच भी पूर्व की सरकार में हुई थी। उस समय बड़ी संख्या में तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य रेवन्यू अधिकारियों को नोटिस भी जारी किए गए थे। लेकिन बाद में यह मामला ठंडा पड़ गया था। अब फिर से जिलों से आई रिपोर्ट में नियम-7ए के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। इस रिपोर्ट के बाद ही FCR ने प्रॉपर्टी डीड के रजिस्ट्रेशन से संबंधित नियमों को सख्त करने के भी निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में डिप्टी रजिस्ट्रार और ज्वाइंट डिप्टी-रजिस्ट्रार रेगुलर हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम-1975 की धारा-7ए के मुख्य नियमों का ही उल्लंघन कर रहे हैं। अब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में जमीन की बिक्री, पट्टा या गिफ्ट डीड रजिस्ट्रेशन से पहले संबंधित जिला नगर योजनाकार (DGP) से अनिवार्य NOC अनिवार्य कर दिया है। NOC लेना अनिवार्य है सभी जिलों के डीसी को सख्त निर्देश जारी कर प्रॉपर्टी डीड के रजिस्ट्रेशन से संबंधित नियमों के सख्त क्रियान्वयन पर जोर दिया है। मिश्रा ने कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में एनओसी लेना अनिवार्य है। कोताही बरतने पर होगी कार्रवाई डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों को जारी किए पत्र में कहा है कि प्रदेश सरकार ऐसी तरह से नियमों की उल्लंघन को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अधिनियम की धारा 7-A का पालन करने में किसी भी तरह की कोताही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
