हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ, 17 लाख और महिलाओं को मिलेगा लाभ
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*अब 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी मिलेगा 2,100 रुपये प्रति माह का लाभ*
*हुनर को सम्मान, मेहनत को पहचान और कारीगर को अवसर देना सरकार का संकल्प - मुख्यमंत्री*
*3396 राजकीय विद्यालयों को खेल गतिविधियों के लिए 33.96 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी*
*‘SEVA First Innovation Challenge’ पोर्टल का शुभारंभ, युवाओं और नवप्रवर्तकों को अभिनव विचार प्रस्तुत करने का अवसर*
चंडीगढ़, 17 सितंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं की आर्थिक उत्थान को और आगे बढ़ते हुए वीरवार को दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। अब प्रदेश में 1 लाख 80 हजार रुपए की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी इस योजना के तहत 2100 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा। पहले चरण में 1 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों की 10 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है। अब आय सीमा बढ़ने के बाद लगभग 17 लाख और महिलाओं को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को महेंद्रगढ़ में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वीर गाथा और सैनिकों का सम्मान करते हुए वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को देश की सेवा और त्याग के लिए नमन किया।
मुख्यमंत्री ने 3,396 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं राजकीय उच्च विद्यालयों को 1-1 लाख रुपये प्रति विद्यालय की दर से 33 करोड़ 96 लाख रुपये की खेल अनुदान राशि भी जारी की। इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित सेवा संकल्प अभियान के तहत एक नई और दूरदर्शी पहल "SEVA First Innovation Challenge" का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह पोर्टल प्रदेश के विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, पेशेवरों, शोधकर्ताओं, जमीनी स्तर के नवप्रवर्तकों तथा आम नागरिकों को अपने अभिनव विचार, तकनीक, उत्पाद एवं समाधान प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश के हर नागरिक तक यह अवसर पहुंचे, इसी उद्देश्य से प्रतिभागियों के प्रोत्साहन के लिए पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। हर जिले से चयनित सर्वश्रेष्ठ नवाचार को 1 लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 3 नवाचारों को 5 लाख रुपए की पुरस्कार राशि तथा विशेष राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओं में काम करने वाले 64,783 श्रमिकों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के 48 करोड़ 91 लाख रुपये की राशि जारी की। उन्होंने भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर कारीगरों, शिल्पकारों और श्रमिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान श्री विश्वकर्मा सृजन, शिल्प, कौशल और निर्माण के देवता हैं। उनकी आराधना हमें अपने कार्य में कुशलता, ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जयंती निर्माण, सृजन और कौशल के प्रति हमारी आस्था का पर्व है। भारतीय दर्शन में सृष्टि के निर्माण में पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे पंचतत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है और भगवान श्री विश्वकर्मा को इन तत्वों को सुव्यवस्थित स्वरूप देने वाले दिव्य शिल्पी के रूप में स्मरण किया जाता है।
*‘मेरा हुनर, मेरी पहचान’ की भावना से सशक्त होगा कारीगर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा समाज कुशल, मेहनती और ईमानदार लोगों का समाज है। इस समाज ने अपने हुनर और परिश्रम के बल पर हमेशा स्वाभिमान के साथ जीवन जिया है। हरियाणा के निर्माण और विकास में भी विश्वकर्मा समाज के कारीगरों, शिल्पकारों और श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के गठन के लगभग छह दशकों में प्रदेश ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। आज हरियाणा ऑटोमोबाइल, आईटी और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। प्रदेश में आधुनिक राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलमार्गों और मेट्रो जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। इस विकास यात्रा में मेहनतकश कारीगरों और श्रमिकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
*पीएमविश्वकर्मा योजना से कारीगरों को कौशल, टूलकिट और ऋण की सुविधा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के कौशल को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। योजना में कौशल प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का स्टाइपेंड, आधुनिक टूलकिट के लिए सहायता तथा बिना जमानत ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार तक पहुंच बनाने में भी सहायता दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में इस योजना के तहत 41,366 आवेदक पंजीकृत हुए हैं, जिनमें से 30,655 कारीगरों का कौशल प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और लगभग 12 हजार कारीगरों को टूलकिट प्रदान की जा चुकी हैं। लगभग 6 हजार कारीगरों को 56 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला पलवल के दुधौला में स्थापित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक विशिष्ट मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अथक कर्मयोगी, मां भारती के महान सपूत और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। उन्होंने प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री के जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरक मिसाल है। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की प्रगति, गरीबों के कल्याण और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित किया है। इसी सेवाभाव से प्रेरित होकर हरियाणा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है, जो 17 अक्तूबर तक चलेगा। अभियान के माध्यम से सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और विकास से जुड़ी गतिविधियों में जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कैंची चौक पर महाराजा शूर सैनी जी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया है। यह प्रतिमा हमारी भावी पीढ़ियों को साहस, स्वाभिमान, पराक्रम और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया जाना तथा उच्च शिक्षा में OBC वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महत्वपूर्ण कदम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी पिछड़े वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। 3 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पिछड़े वर्ग के परिवारों के बच्चों को देश में उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख रुपये तक तथा विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा छात्रवृत्ति योजनाओं तथा डॉ. बी.आर. अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के माध्यम से भी सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के कल्याण के लिए हरियाणा असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड तथा हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि आज जारी की गई राशि को मिलाकर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पिछले 12 वर्षों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत निर्माण श्रमिकों के कल्याण पर 3,976 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि पंजीकृत निर्माण कामगारों को 60 वर्ष की आयु के बाद प्रतिमाह 3,500 रुपये पेंशन दी जा रही है। दिव्यांगता पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये की गई है तथा 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 रुपये अतिरिक्त राशि का प्रावधान है। कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण अपंगता होने पर 1.50 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता तथा दुर्घटना में मृत्यु होने पर मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत परिवार को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि भवन निर्माण और उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों में सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम और प्रभावित श्रमिकों के पुनर्वास के लिए भी नीति लागू की गई है, जिसके तहत अब तक लगभग 38 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
*सशक्त कारीगर से सशक्त हरियाणा और विकसित भारत का संकल्प*
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक शिल्पकार, कारीगर और छोटे उद्यमी सशक्त नहीं होंगे, तब तक प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत नहीं बनाया जा सकता। सरकार का संकल्प है कि हुनर को सम्मान, मेहनत को पहचान और कारीगर को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर मिले। उन्होंने कहा कि जब हमारा कारीगर सशक्त होगा, तो हमारा प्रदेश सशक्त होगा और जब हमारा प्रदेश सशक्त होगा, तो विकसित भारत का सपना और मजबूत होगा। हर हाथ को काम मिले, हर मेहनत को मान मिले और हर घर में उत्सव हो—हरियाणा का कारीगर आत्मविश्वास से कहे, ‘मेरा हुनर, मेरी पहचान।’”
*हर हुनर को सम्मान, हर मेहनत को पहचान और हर हाथ को आगे बढ़ने का अवसर देना सरकार का संकल्प—स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव*
स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जयंती हमें निर्माण, कर्म, हुनर और मेहनत का संदेश देती है। देश और प्रदेश की प्रगति में कारीगरों, श्रमिकों और हुनरमंद लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रम और हुनर को सम्मान देते हुए कारीगरों को आगे बढ़ने के नए अवसर प्रदान किए हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना भी इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर हुनर को सम्मान, हर मेहनत को पहचान और हर हाथ को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की। उन्होंने कहा कि आज महाराज सूरसैनी जी की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है, जो क्षेत्र के गौरव, स्वाभिमान और वीर परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
कुमारी आरती सिंह ने महेंद्रगढ़ को वीरों की धरती बताते हुए कहा कि दक्षिण हरियाणा के लगभग हर परिवार का सेना और देशसेवा से गहरा नाता रहा है। उन्होंने कहा कि नसीबपुर में प्रस्तावित शहीद स्मारक को लेकर दो बैठकें हो चुकी हैं और इसकी ड्राइंग भी स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस स्मारक का शिलान्यास करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि सतनाली में अस्पताल के निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है और इसका कार्य जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। महेंद्रगढ़ के उपमंडल अस्पताल के संबंध में लगभग 23 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अस्पताल का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 135 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला सेवा संकल्प अभियान जनसेवा से जुड़ा व्यापक अभियान है। उन्होंने लोगों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने सभा के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधुनिक भारत के नव-निर्माण के कर्मयोगी शिल्पकार के रूप में देश को दे रहे नई दिशा - डॉ अर्चना गुप्ता*
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि आज का दिन अपने आप में विशेष है, क्योंकि आज दो ऐसे शिल्पकारों का जन्मदिवस है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में निर्माण, सृजन और राष्ट्रसेवा की नई मिसाल कायम की है। एक ओर भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के निर्माण, वास्तु और शिल्प के देवता हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आधुनिक भारत के नव-निर्माण के कर्मयोगी शिल्पकार के रूप में देश को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की आराधना हमें यह संदेश देती है कि निर्माण केवल ईंट-पत्थर से नहीं, बल्कि कौशल, परिश्रम, कल्पना और संकल्प से होता है। आज देश का श्रमिक, कारीगर, शिल्पकार, इंजीनियर और हुनरमंद वर्ग इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की निरंतर यात्रा रहा है। उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के अवसर, डिजिटल परिवर्तन, आत्मनिर्भरता और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे क्षेत्रों में अनेक पहलें सामने आई हैं। आज उनके जन्मदिवस पर देशभर में सेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि हरियाणा में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की सेवा यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आत्मसात करते हुए विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस मौके पर सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने और विधायक श्री कंवर सिंह यादव ने भी संबोधित किया और मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र की मांगों को रखा।
कार्य्रकम में कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, विधायक श्री ओपी यादव, श्री उमेद पातुवास, पूर्व सांसद श्री रामचंद्र जांगड़ा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
