हरियाणा में किसानों के लिए बड़ी ख़ुशख़बरी, सरकार ने गेहूं की बढ़ाई MSP, ये है नया रेट

 
हरियाणा में किसानों के लिए बड़ी ख़ुशख़बरी, सरकार ने गेहूं की बढ़ाई MSP, ये है नया रेट

हरियाणा में 1 अप्रैल 2025 से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। सरकार ने किसानों को राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को 150 रुपये बढ़ाकर 2425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। दूसरी ओर, खुले बाजार में गेहूं के भाव फसल की आवक के साथ गिरते जा रहे हैं, जिसके चलते किसानों का रुझान सरकारी खरीद के लिए मंडियों की ओर बढ़ रहा है। इस रिपोर्ट में गेहूं की पैदावार, पिछले साल की आवक, और मंडियों की सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई है।

2025 में गेहूं का MSP और पैदावार

  • MSP: सरकार ने इस साल गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 150 रुपये अधिक है।
  • पैदावार का अनुमान: गुरुग्राम जिले में इस बार 18 से 19 लाख क्विंटल गेहूं की पैदावार होने का अनुमान है।
  • बिजाई क्षेत्र: जिले में 91,000 एकड़ में गेहूं की बुवाई की गई है।
  • पंजीकरण: 46,600 एकड़ का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर हो चुका है।

पिछले सालों की आवक: 2023 और 2024

पिछले दो सालों में मंडियों में गेहूं की आवक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है:

  • 2024 की कुल आवक: सभी मंडियों में 4.70 लाख क्विंटल गेहूं आया, जो 2023 के मुकाबले 47% अधिक था।
  • मंडी-वार आवक (क्विंटल में):
    • फरुखनगर: 2024 में 1,17,606 | 2023 में 87,059
    • पटौदी: 2024 में 3,29,014 | 2023 में 2,16,965
    • सोहना: 2024 में 37,914 | 2023 में 24,821

सरकारी खरीद के लिए निर्धारित मंडियां

हरियाणा के गुरुग्राम जिले में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए पांच मंडियां तय की गई हैं:

  1. पटौदी
  2. फरुखनगर
  3. सोहना
  4. गुरुग्राम (केवल सब्जी बिक्री, गेहूं की आवक नहीं)
  5. खोड़ (पटौदी जाटोली मंडी का खरीद केंद्र)

मंडियों में सुविधाएं

जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी विनय यादव (हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड) के अनुसार, मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए कई इंतजाम किए गए हैं:

  • मूलभूत सुविधाएं: सफाई, पीने का पानी, हाई मास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट।
  • हेल्प डेस्क: सरकारी खरीद के लिए सहायता डेस्क स्थापित।
  • अपील: किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे फसल को अच्छे से सुखाकर मंडी लाएं, ताकि खरीद एजेंसी को परेशानी न हो।

सरसों की खरीद और आवक

गेहूं के साथ-साथ सरसों की सरकारी खरीद भी जोरों पर है, जो 15 मार्च 2025 से चल रही है।

  • 31 मार्च तक कुल खरीद: 1.21 लाख क्विंटल।
  • 2024 में 31 मार्च तक खरीद: 75,621 क्विंटल।
  • मंडी-वार आवक (क्विंटल में):
    • फरुखनगर: सरकारी खरीद 14,307 | प्राइवेट 5,697
    • पटौदी: सरकारी खरीद 76,601 | प्राइवेट 32
    • सोहना: सरकारी खरीद 18,221 | प्राइवेट 6,261
    • कुल: सरकारी खरीद 1,09,130 | प्राइवेट 11,990

किसानों के लिए चुनौतियां और रुझान

  • बाजार भाव में गिरावट: खुले बाजार में गेहूं के दाम घट रहे हैं, जिससे किसान सरकारी खरीद पर निर्भर हो रहे हैं।
  • आवक में वृद्धि: पिछले साल की तुलना में 47% अधिक गेहूं मंडियों में आया, जो इस साल भी जारी रहने की संभावना है।
  • सुविधाओं का प्रभाव: मार्केट कमेटी द्वारा बढ़ाई गई सुविधाएं किसानों को मंडियों की ओर आकर्षित कर रही हैं।

विनय यादव का बयान

"सरसों की सरकारी खरीद 15 मार्च से चल रही है, और अब गेहूं की खरीद भी शुरू हो गई है। मंडियों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। किसान भाइयों से अपील है कि वे अपनी फसल सुखाकर मंडी में लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रहे।"