Gogamedi Mela 2025: इस दिन से शुरू होगा गोगामेड़ी मेला, कुंभ मेले की तर्ज पर मिलेगी ये सुविधा
Jun 8, 2025, 17:38 IST
Gogamedi Mela 2025: गोगामेड़ी मेले को लेकर तैयारिया शुरू हो गई है। उत्तर भारत के सबसे बड़े सांप्रदायिक सौहार्द्र के प्रतीक गोगामेड़ी मेले की तैयारियाँ इस वर्ष भी पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गई है। 2025 का यह ऐतिहासिक गोगामेड़ी मेला 9 अगस्त से आरंभ होगा और पूरे भाद्रपद मास तक चलेगा। मेले की व्यवस्थाओं को लेकर गोगामेड़ी ग्राम पंचायत सभागार में पहली पूर्व बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर काना राम और पुलिस अधीक्षक हरी शंकर ने की। बैठक में कानून-व्यवस्था, यातायात, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित तमाम विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। गोगामेड़ी मेले के बारे में हर साल यह भोजन अगस्त और सितंबर में होता है। आप गोगाजी मेले में पशु मेले का आनंद ले सकते हैं, जहाँ विभिन्न राज्यों से लोग व्यापार के लिए ऊँट, भैंस, गाय और अन्य जानवर लेकर आते हैं। मेले में आकर्षक लोक प्रदर्शन, कठपुतली शो और कहानी सुनाने के सत्र भी होते हैं जो गोगाजी की किंवदंती को जीवंत करते हैं। गोगाजी मंदिर के बारे में इस उत्सव का मुख्य केंद्र गोगाजी मंदिर है, जहाँ भक्त प्रार्थना करते हैं, अनुष्ठान करते हैं और आशीर्वाद मांगते हैं। कई तीर्थयात्री मंदिर तक पहुँचने के लिए पैदल कठिन यात्राएँ करते हैं, क्योंकि वे इसे भक्ति का एक रूप मानते हैं। बैठक से पहले जिला कलेक्टर व एसपी ने गोगाजी की समाधि पर पूजा-अर्चना की बैठक से पूर्व, जिला कलेक्टर व एसपी ने गोगाजी की समाधि पर पूजा-अर्चना की और परिसर का निरीक्षण कर हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि मेले को जनसहभागिता और विभागीय समन्वय से बेहतर रूप में आयोजित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के अनुभव को और भी सुगम एवं सुखद बनाने हेतु इस बार प्रवेश रूट के स्वरूप को भी बदलना भी प्रस्तावित है। देशभर से करीब 25 लाख श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंचते हैं गोगामेड़ी मेले में हर वर्ष देशभर से करीब 25 लाख श्रद्धालु गोगाजी महाराज के दर्शन हेतु पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पार्किंग, स्वच्छता युक्त शौचालय, मोबाइल नेटवर्क सुधार के लिए अतिरिक्त टावर, तथा निशुल्क पंडालों की विशेष व्यवस्था का निर्णय लिया है। कुंभ मेले की तर्ज पर एक विशाल ‘टेंट सिटी’ भी बनाई जाएगी वहीं, इस बार पहली बार देवस्थान विभाग की ओर से कुंभ मेले की तर्ज पर एक विशाल ‘टेंट सिटी’ भी बनाई जाएगी, जहां प्रतिदिन 5000 श्रद्धालुओं के ठहरने की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु फूड इंस्पेक्टरों की टीमें तैनात रहेंगी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला कलेक्टर ने कहा कि अब तक ग्राम पंचायत की ओर से जो साफ सफाई के कार्य करवाए जाते थे, इस बार नगर पालिका को अधिक जिम्मेदारी दी जा रही है ताकि तकनीकी और अनुभव आधारित प्रबंधन बेहतर ढंग से हो सके। सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और यातायात व्यवस्था से लेकर आपातकालीन सेवाओं तक सभी मोर्चों पर विस्तृत योजना बनाई जा रही है। बैठक में मौजूद बैठक में भादरा विधायक संजीव बेनीवाल, प्रधान सोहन ढील, एडीएम नोहर श्रीमती संजू पारीक, एसडीएम पंकज गढ़वाल, सहायक आयुक्त ओमप्रकाश, और विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सहायक आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि जिला कलेक्टर द्वारा प्रदत्त निर्देशों के अनुरूप मेले को सफल, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु केंद्रित बनाने हेतु सभी विभाग संयुक्त प्रयास कर रहे हैं। गोगामेड़ी मेला न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सौहार्द्र और संस्कृति का जीवंत उदाहरण भी है, जहां हिंदू-मुस्लिम श्रद्धालु एक साथ आस्था का पर्व मनाते हैं। इस वर्ष का आयोजन प्रशासनिक समर्पण और जनभागीदारी से और अधिक गरिमामयी होने की उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है।
