MSP की कानूनी गारंटी पर बनी बात? केंद्र और किसानों की बैठक बेनतीजा, 22 फरवरी को फिर होगी वार्ता
चंडीगढ़: MSP की कानूनी गारंटी और अन्य मांगों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच शुक्रवार को किसानों और केंद्र सरकार के बीच अहम बैठक बेनतीजा रही। यह बैठक चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित एक सरकारी गेस्ट हाउस में हुई, जिसमें केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत खुड्डियां और लाल चंद कटारूचक्क मौजूद रहे। बैठक करीब तीन घंटे तक चली। किसान संगठनों का कहना है कि चर्चा सकारात्मक रही, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। अब अगली बैठक 22 फरवरी को होगी, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल होंगे।
आंदोलन जारी रहेगा, डल्लेवाल को एंबुलेंस से लाया गया
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के जगजीत सिंह डल्लेवाल, जो पिछले 81 दिनों से खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर थे, इस बैठक में शामिल हुए। उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें एंबुलेंस से चंडीगढ़ लाया गया। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। बैठक के बाद किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि 22 फरवरी को होने वाली वार्ता के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी, लेकिन फिलहाल आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में क्या हुआ? केंद्र सरकार का क्या रुख?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बैठक सकारात्मक माहौल में हुई और किसानों को केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। हालांकि, MSP की कानूनी गारंटी और अन्य मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई।
क्या होगा आगे? 22 फरवरी की बैठक पर टिकी निगाहें
किसान संगठनों का कहना है कि 22 फरवरी को जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठक में शामिल होंगे, तब ही स्थिति और स्पष्ट होगी।वहीं, आंदोलन से जुड़े किसान सरकार पर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
कृषि कानूनों की वापसी के बाद भी किसान आंदोलन की ये नई लहर केंद्र सरकार के लिए चुनौती बनी हुई है। अब देखना होगा कि 22 फरवरी की बैठक में कोई ठोस हल निकलता है या नहीं।
