Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट, तीन महीने में बनकर पूरी तरह हो जाएगा तैयार

 
Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट, तीन महीने में बनकर पूरी तरह हो जाएगा तैयार
Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने दावा किया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे तीन महीने के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक, मल्होत्रा ​​ने प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ एक्सप्रेसवे के पूरे 210 किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण किया। मंत्री ने NHAI अधिकारियों की ओर से बताई गई विभिन्न बाधाओं का संज्ञान लिया और उन्हें काम में तेजी लाने और परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि इसे तय समय पर आम जनता के लिए खोला जा सके। निरीक्षण के बाद, मंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में भीड़भाड़ कम करने में सहायक होगा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और अन्य कनेक्टिंग हाईवे पर लोड भी कम करेगा। उन्होंने कहा कि 210 किलोमीटर लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे, जिसकी परिचालन गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा है और देश की राजधानी दिल्ली को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से कनेक्ट करेगा। यह एक्सप्रेस वे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से शुरू होता है और देहरादून में समाप्त होगा। यह  Delhi-Dehradun Expressway उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जैसे कई जिलों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के मार्च 2024 की समय सीमा के भीतर पूरा होने की उम्मीद थी। इसे 2020 में मंजूरी दी गई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल दिसंबर में एक्सप्रेसवे की नींव रखी थी। इस एक्सप्रेसवे का विकास लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है और इससे दिल्ली से देहरादून तक की यात्रा का समय मौजूदा 6.5 घंटे से घटकर मात्र 2.5 घंटे रह जाएगा। एक्सप्रेसवे में हरिद्वार की ओर एक स्पर भी होगा और यह चार धाम राजमार्ग से जुड़ेगा, जिससे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के हिल स्टेशनों और तीर्थ स्थलों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। अंतिम 20 किलोमीटर का हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव ज़ोन से होकर गुजरता है, जहां एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (12 किलोमीटर) बनाया जा रहा है। इसमें 340 मीटर लंबी डाट काली सुरंग भी शामिल है।