DA Hike: जुलाई में सातवें वेतन आयोग का आखिरी होगा महंगाई भत्ता!, जानें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को कितना मिलेगा फायदा
Jun 5, 2025, 16:14 IST
DA Hike: केंद्र की मोदी सरकार ने पिछली बार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत Dearness Allowance and Dearness Relief) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके चलते जनवरी 2025 से लागू हुए DA/DR की दर 55 पर पहुंच गई है। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों को DA की दर 56 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें सिर्फ दो फीसदी की वृद्धि में ही उन्हें संतोष करना पड़ा। अब एक बार फिर पहली जुलाई से DA/DR की दरों में बदलाव हो सकता है। दरअसल, केंद्र की सरकार ने पहले ही 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया हुआ है। इसकी सिफारिशें अगले साल 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाएगी। हालांकि, अभी तक कमिशन के चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में जुलाई से DA/DR की रेट में जो बढ़ोतरी होनी है, वो 7वें वेतन आयोग के कार्यकाल की आखिरी बढ़़ोतरी हो सकती है। खबरों की मानें, तो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (industrial workers) के ग्राफ को देखते हुए DA/DR में दो से तीन फीसदी की वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। यह संभावनाएं केवल अप्रैल महीने तक के सूचकांक के आधार पर की गई है। ऑल-इंडिया सीपीआई-आईडब्लू की मई और जून की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। मौजूदा आर्थिक स्थितियों में DA वृद्धि की दर तीन या चार प्रतिशत तक पहुंचने की बजाए दो से तीन प्रतिशत तक ही सिमट सकती है। इसके पीछे अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (industrial workers) और महंगाई दर के कम होने को मुख्य वजह बताई जा रहा है। हालांकि अभी तीन महीने का डेटा जारी हुआ है। फाइनल डेटा जुलाई में किया जाएगा। सरकार ने पिछली बार DA में दो प्रतिशत की वृद्धि की थी। इसकी एक अहम वजह दिसंबर 2024 के लिए ऑल-इंडिया सीपीआई-आईडब्लू में 0.8 अंक की कमी आना बताई गई थी। वहीं तब श्रम ब्यूरो की ओर से जारी सूचकांक डेटा 143.7 अकों पर सिमटा था। उससे पहले पिछले साल दीवाली पर महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। 7वें वेतन आयोग के अनुसार, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर ही की जाती है। महंगाई भत्ते की गणना का कैलकुलेटर बदलने की मांग जारी बता दें कि कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव SB यादव ने बजट सत्र से पहले कैबिनेट सचिव को भेजे अपने पत्र में महंगाई भत्ता/महंगाई राहत यानी 'DA/DR' की गणना का कैलकुलेटर बदलने की मांग की थी। कर्मचारी नेता का कहना था कि DA की दर तय करने के लिए 12 महीने के औसत को 3महीने के औसत से बदला जाना चाहिए। इसका अर्थ है कि परिवर्तनीय DA दिया जाना चाहिए। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर 3 महीने में रियल प्राइज राइज से मुआवजा मिल सकेगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों का DA भी इसी आधार पर तय किया जाता है। इतना ही नहीं, केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग से 'उपभोक्ता मूल्य सूचकांक' (Consumer Price Index) को तैयार करने की मांग की गई है। ये भी पढ़ें- हरियाणा में सीएम सैनी का बड़ा ऐलान, इन किसानों को फ्री में दी जाएगी एक एकड़ जमीन
